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सावन का दूसरा सोमवार 2026: कब है, क्या रहेगा शिव पूजा का शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि?

A Hindu woman offering water-mixed milk onto a Shivling in the picture.
sawan ka dusra somwar kab hai 2026: उत्तर भारतीय पंचांग (पूर्णिमान्त कैलेंडर) के अनुसार वर्ष 2026 में सावन माह का दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026 को है। इस दिन सोम प्रदोष व्रत का भी दुर्लभ एवं अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन की गई भगवान शिव की पूजा-अर्चना का फल कई गुना बढ़ जाता है।
 

1. शुभ मुहूर्त (10 अगस्त 2026)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:11 बजे से 06:18 बजे तक।
प्रातःकाल पूजा मुहूर्त: प्रातः 05:48 बजे से 07:28 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:18 बजे से 01:09 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम को 07:09 बजे से 07:32 तक।
प्रदोष काल मुहूर्त (संध्या पूजा): शाम 07:09 बजे से रात्रि 09:23 बजे तक।
(सोम प्रदोष योग के कारण संध्या पूजा का विशेष महत्व है।)
 

2. सावन सोमवार की चरणबद्ध पूजन-विधि

स्नान एवं संकल्प:
प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र (श्वेत या पीले) धारण करें। तत्पश्चात हाथ में जल व अक्षत लेकर सावन सोमवार व्रत का संकल्प लें।
 
जलाभिषेक एवं पंचामृत:
सर्वप्रथम तांबे या पीतल के पात्र से शिवलिंग पर गंगाजल मिला शुद्ध जल अर्पित करें।
इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से निर्मित पंचामृत से अभिषेक करें।
अंत में पुनः शुद्ध जल प्रवाहित कर शिवलिंग को स्वच्छ करें।
 
श्रृंगार एवं पूजन सामग्री अर्पण:
शिवलिंग पर चंदन (सफेद या पीला) लगाएं।
इसके बाद शिवजी की प्रिय सामग्री- अखंडित बेलपत्र (3 या 11), धतूरा, भांग, मदार के पुष्प, शमी पत्र और अक्षत (अखंडित चावल) अर्पित करें।
 
मंत्र जप एवं पाठ:
पूजा के दौरान निरंतर "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा अथवा शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें।
 
भोग एवं आरती:
भगवान शिव को ऋतुफल, पंचमेवा या मिठाई का भोग लगाएं। धूप और दीप जलाकर कपूर से आरती करें।
 
व्रत एवं पारण:
दिनभर सात्विक रहते हुए फलाहार करें। संध्या आरती और पूजन के पश्चात् सात्विक आहार ग्रहण कर व्रत पूर्ण करें।
 
मनोकामना पूर्ति का विशेष उपाय:
सावन के दूसरे सोमवार पर 108 अखंडित बेलपत्रों पर चंदन से 'राम' या 'ॐ' लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
 
नोट: महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारतीय राज्यों में अमांत पंचांग का पालन किया जाता है, जहाँ सावन माह का पहला सोमवार 17 अगस्त 2026 को पड़ेगा।
 
 
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