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पितृ पक्ष 2026: श्राद्ध कर्म की शुरुआत कैसे हुई, क्या है इसका इतिहास और पौराणिक कथा?
वामन पुराण- विचारों की शुद्धि: मानसिक पापों का स्वरूप और उनका निवारण
हारे का सहारा से कीर्तन जैम तक: खाटू श्याम और जगन्नाथ जी के प्यार में क्यों पागल है Gen Z?
Gen Z And Krishna: जेन-जी का क्या है श्रीकृष्ण से कनेक्शन?
मोदी चालीसा, क्या जीवित लोगों की पूजा-पाठ और कर्मकांड उचित है? जानिए हिंदु धर्म के नियम
Friday, August 21, 2026
तुलसीदास जयंती 2026: जब हनुमानजी ने 4 बार और प्रभु श्रीराम ने 3 बार दिए थे दर्शन, जानें अद्भुत प्रसंग
Tuesday, August 18, 2026
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Monday, July 27, 2026
क्या उपनिषदों की अवधारणाएं क्वांटम विज्ञान से मेल खाती हैं? जानिए पूरी पड़ताल
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Wednesday, July 15, 2026
मोक्ष का रहस्य क्या है? श्रीराम ने हनुमानजी को बताया मांडूक्य उपनिषद का सार
Friday, July 10, 2026
सिंधु सम्राट राजा दाहिर: शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की अमर गाथा
Monday, June 15, 2026
जंगल का वह 'उलगुलान' जो आज भी गूंजता है: धरती आबा बिरसा मुंडा की शहादत की अनकही दास्तान
Monday, June 8, 2026
सम्राट विक्रमादित्य का विजय अभियान: क्या समुद्रगुप्त से भी बड़ा था उज्जैन के राजा का साम्राज्य?
Wednesday, June 3, 2026
ओवरथिंकिंग और मानसिक तनाव से थक चुका है दिमाग? आज ही आजमाएं भगवद्गीता के ये 3 लाइफ हैक्स, तुरंत मिलेगी शांति
Friday, May 29, 2026
रामेश्वरम प्रतिष्ठा दिवस पर जानिए चार धाम में से एक हिंदू धाम की 5 रोचक बातें
Monday, May 25, 2026
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Saturday, May 16, 2026
धार की भोजशाला से मौलाना कमाल मस्जिद तक: जानिए इतिहास में कब और कैसे हुआ बदलाव
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सुवर्णमत्स्या: रावण की पुत्री का हनुमानजी पर मोहित हो जाना
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01 नवंबर को महासंयोग: दिवाली से पहले रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना दिलाएगा धन-समृद्धि?
Pushya Nakshatra 2026: वर्ष 2026 में 06 नवंबर को त्रयोदशी तिथि, प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का अद्भुत संयोग बनने से धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले पुष्य नक्षत्र का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इस बार 01 नवंबर 2026 (रविवार) को पुष्य नक्षत्र पड़ने के कारण अति दुर्लभ और महाफलदायी 'रवि पुष्य योग' का निर्माण हो रहा है। इस दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना अक्षय फल प्रदान करता है।
शुक्र का स्वयं की राशि में उदय, इन 7 राशियों को मिलेगा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद, हो जाएंगे मालामाल
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से शुक्र देव का अपनी ही राशि तुला में उदित होना एक अत्यंत शुभ और बड़ा ग्रह परिवर्तन है। तुला राशि में शुक्र का गोचर 'मालव्य राजयोग' और शक्तिशाली 'धन योग' का निर्माण करता है, जो जातकों को सुख, संपत्ति, ऐश्वर्य और अपार समृद्धि प्रदान करता है। 29 अक्टूबर 2026 की सुबह 09:41 बजे शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में उदित हो चुके हैं। इस उदित अवस्था से विशेष रूप से 7 राशियों के जातकों पर मां लक्ष्मी की असीम कृपा बरसने वाली है और वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर मालामाल हो सकते हैं। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं।
धनतेरस पर आखिर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू? जानिए धार्मिक महत्व
Dhanteras 2026: दीपावली से पहले मनाया जाने वाला धनतेरस का पर्व धन, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना से जुड़ा है। इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन और अन्य घरेलू वस्तुओं की खरीदारी करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा भी बेहद खास मानी जाती है? आखिर झाड़ू जैसी सामान्य घरेलू वस्तु को इस त्योहार पर खरीदना शुभ क्यों माना जाता है? इसके पीछे कौनसी धार्मिक मान्यताएं और लोक परंपराएं प्रचलित हैं और क्या है इसका महत्व...
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 अक्टूबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय
30 October 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 30 अक्टूबर, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
धनतेरस पर क्यों होती है भगवान धन्वंतरि की पूजा? जानिए समुद्र मंथन की कथा
Dhanteras 2026: धनतेरस हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। दीपावली से पहले मनाए जाने वाले इस पर्व का संबंध धन, आरोग्य, सुख-समृद्धि और शुभता से है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं धनतेरस पर क्यों होती है भगवान धन्वंतरि की पूजा और उनसे जुड़ी समुद्र मंथन की कथा के बारे में विस्तार से...
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जगन्नाथ मंदिर के बाना में रहस्यमयी गांठ, क्या अर्नब तूफान से बच गया ओडिशा!
चक्रवात अरनाव या अर्नब की तबाही के बीच ओडिशा के पूरी जगन्नाथ मंदिर के 215 फीट ऊंचे शिखर पर फहराते पतित पावन बाणा में रहस्यमयी गांठ बंध गई जिसे 'शून्य ग्रंथि' कहा जा रहा है। कहते हैं कि इस गांठ की वजह से 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं रुक गई। माना जा रहा है कि इस अलौकिक घटना से महाप्रभु ने पूरे पूरी धाम को चक्रवात के कहर से बचा लिया है। हालांकि यह गांठ कैसे लगी यह सभी के लिए आश्चर्य का विषय है।
करवा चौथ पर चांद दिखने के बाद क्या करें? जानें पूजा और व्रत खोलने की विधि
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का पावन व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है। यह व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। वर्ष 2026 में यह व्रत 29 अक्टूबर (गुरुवार) के दिन रखा जाएगा। पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना से रखा जाने वाला यह व्रत बेहद कड़े नियमों के साथ पूरा होता है। आइए जानते हैं करवा चौथ का महत्व, व्रत के नियम, चांद दिखने के बाद की पूजा और पारण (व्रत खोलने) की सही विधि।
करवा चौथ का चांद कितने बजे निकलेगा? दिल्ली, भोपाल, इंदौर समेत देखें सभी शहरों का समय
Karwa Chauth Moonrise Time Today 2026: करवा चौथ का चांद आज कितने बजे निकलेगा? जानें दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई, जयपुर समेत प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय, पूजा मुहूर्त और व्रत खोलने की विधि।
कब निकलेगा करवा चौथ का चांद?
When is Karwa chauth in 2026: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि इस बार 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को पूरी रात व्याप्त रहेगी। इसलिए करवा चौथ का पावन व्रत इसी दिन रखा जाएगा। देश की राजधानी दिल्ली के समयानुसार, इस दिन चंद्रमा रात 08 बजकर 17 मिनट पर उदित होगा। चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के साथ ही करवा चौथ के व्रत का पारण किया जाएगा।
Shukra Uday 2026: तुला राशि में उदित हुए शुक्र, इन राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेगा अपार धन और प्रेम
शुक्र का तुला राशि में उदित होना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक बड़ा बदलाव है। 29 अक्टूबर 2026 की सुबह 09:41 बजे शुक्र देव अपनी ही राशि तुला में उदित हो चुके हैं। इसके प्रभाव से अब आपके जीवन में प्रेम, भौतिक सुख, रिश्तों और धन से जुड़े मामलों में नई रंगत देखने को मिलेगी। आइए जानते हैं कि यह ग्रह गोचर आपकी राशि के लिए क्या खास संदेश लाया है:-
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