सम्बंधित जानकारी
- Makar Sankranti - मकर संक्रांति पर सूर्य को अर्घ्य देने की विशेष विधि
- छठ पूजा को लेकर व्यापक तैयारी, डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे श्रद्धालु
- छठ पूजा के दिन सूर्य देव को सांध्य एवं उषा अर्घ्य देने का शुभ समय
- छठ पर सूर्य देव और छठी मैया की पूजा का विधान एवं विधि
- छठ पूजा : खरना के शुभ मुहूर्त, क्या करते हैं इस दिन जानिए
Makar sankranti | मकर संक्रांति का पुण्यकाल, महापुण्य काल और उत्तरायण संक्रांति का क्षण
मकर संक्रांति के पुण्यकाल, महापुण्य काल और मुहूर्त
Makar Sankranti 2024
मकर संक्रांति 2024 पुण्यकाल और माहपुण्य काल:-
मकर संक्रांति पुण्य काल मुहूर्त- 15 जनवरी 2024 सोमवार को सुबह 07:15 से शाम को 06:21 तक।
अवधि- 11 घण्टे 06 मिनट।
अवधि- 11 घण्टे 06 मिनट।
मकर संक्रांति महापुण्य काल मुहूर्त- 15 जनवरी सोमवार को सुबह 07:15 से सुबह 09:06 तक।
अवधि- 01 घण्टा 51 मिनट।
मकर संक्रांति का क्षण- 02:54 एम
उत्तरायण संक्रांति समय मुहूर्त:-
उत्तरायण संक्रांति क्षण- 15 सोमवार 2024 को 02:54 एम
शुभ मुहूर्त मकर संक्रांति 2024:
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:09 से 12:51 तक।
- विजय मुहूर्त : दोपहर 02:16 से 02:58 तक।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:43 से 06:10 तक।
- रवि योग: सुबह 07:15 से 08:07 तक।
मकर संक्रांति का वाहन :-
साल 2024 में मकर संक्रांति का वाहन अश्व है। मकर संक्रांति पर सूर्य देव अश्व पर सवार होकर आ रहे हैं। सूर्यदेव का उपवाहन होगा सिंह। इस बार की संक्रांति का स्वरूप काले वस्त्र धारण किए हुए हैं जो शनिदेव का रंग है। मकर राशि के स्वामी भी शनि है। मकर संक्रांति का आगमन दक्षिण दिशा से और गमन उत्तर दिशा से होगा। मकर संक्रांति को देवी के रूप में भी पूजा जाता है। यह देवी माथे पर हल्दी का तिलक लगाए और स्वर्ण आभूषण धारण किए हैं। इस वर्ष गुरु की प्रधानता के चलते कन्या के विवाह में अड़चन नहीं आएगी। कन्याओं को हल्दी का तिलक लगाने से विवाह जल्दी तय होगा। 15 जनवरी को विशेष दान पुण्य करने पर सूर्य के साथ ही शनि और गुरु की कृपा भी प्राप्त होगी जिससे आपकी उन्नति के साथ आरोग्यता प्राप्त होगी।
