चार दशक बाद फिर मंदिर प्रांगण में आयोजित होगा खजुराहो समारोह
भोपाल, खजुराहो नृत्य समारोह लगभग 44 साल बाद फिर एक बार मंदिर प्रांगण की आभा बनकर प्रस्तुत होगा। विगत लगभग 46 वर्ष से आयोजित होते आ रहे इस समारोह का यह 47वां साल है। यह 20 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा।
इस बार समारोह में भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की उत्कृष्ट नृत्यांगनाओं सहित युवा और उर्जावान प्रतिभाशाली कालाकारों की नृत्य प्रस्तुतियां भी हो रही हैं। इस आयोजन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विशेष संदेश देंगे। मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर उपस्थित रहेंगी।
पर्यटन विभाग के व्यापक समर्थन के चलते इस बार समारोह में आयामीय विस्तार हुए हैं।
खजुराहो नृत्य समारोह की शुरुआत 1975 में मंदिर प्रांगण से ही हुई थी लेकिन आरंभ के कुछ वर्षों के बाद ही इसे मंदिर प्रांगण में आयोजित करने की अनुमति नहीं मिल सकी। तब से यह आयोजन बाहर स्थित मैदान में किया जा रहा था।
बाद में आयोजक संस्कृति विभाग ने अपनी कोशिश जारी रखी कि आयोजन फिर से मंदिर प्रांगण में ही किया जाए, इस कोशिश में इस वर्ष सफलता मिली है।
कलाकार
20 फरवरी को इस बार के समारोह की शुरुआत विश्वविख्यात भरतनाटयम नृत्यांगना विदुषी गीता चंद्रन और उनकी शिष्य परंपरा नृत्य के साथ होगी। उनकी प्रस्तुति के उपरांत लखनऊ घराने के प्रतिभाशाली कलाकार दीपक महाराज कथक प्रस्तुत करेंगे।
21 फरवरी को ऐश्वर्य वारियर मोहिनी अट्टम प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद मीरनंदा बारठाकुर और उत्पला हुकड़ असम का सत्रिया युगल नृत्य प्रस्तुत करेंगे। तीसरी प्रस्तुति अलिगुंजन कलिता मुदलियार, चंद्रानी कलिता ओझा और अरुणा मोहन्ती के ओडिसी समूह के रूप में होगी।
22 फरवरी की शाम युवा कलाकार सुलग्ना और राजदीप बनर्जी कथक व भरतनाटयम युगल प्रस्तुत करेंगे।
23 फरवरी को शाम विनोद केविन बच्चन और वृंदा चड्डा ओडिसी युगल नृत्य के साथ मंच पर होंगे। उनके बाद अनीता शर्मा अपने साथियों के साथ सत्रिया समूह नृत्य की प्रस्तुति देंगी। इसी दिन तीसरी सभा में प्रिया श्रीवास्तव का कथक होगा।
24 फरवरी को पांचवें दिन पूर्णाश्री राउत का ओडिसी नृत्य होगा। उनके पश्चात कुचिपुड़ी नृत्य अविजीत दास और अंत में मोहिनी अट्टम समूह नृत्य भारती शिवाजी अपने कलाकारों के साथ प्रस्तुति देंगे।
छठवें दिन 25 फरवरी को कथक समूह मैत्रेयी पहाड़ी द्वारा, भरतनाटयम सत्यनारायण राजू द्वारा और अंत में कुचिपुड़ी व छाऊ की युगल प्रस्तुति अयाना मुखर्जी और प्रशांत कालिया द्वारा दी जाएगी।
खजुराहो नृत्य समारोह के सातवें और समापन दिवस 26 फरवरी को जवाहरलाल नेहरु मणिपुर डांस अकादमी द्वारा मणिपुरी समूह नृत्य किया जाएगा। इसके बाद आर्या नन्दे का ओडिसी और समापन प्रस्तुति पूर्णिमा अशोक द्वारा भरतनाट्यम से की जाएगी।
आयाम
विश्व स्तरीय पहचान रखने वाले इस आयोजन में पर्यटकों की उपस्थिति के मद्देनजर समारोह में अनुषंग, हुनर हाट, आर्ट-मार्ट, नेपथ्य, कलावार्ता, चलचित्र, समष्टि, लोकोत्सव भी विशेष आकर्षण होंगे। पर्यटन विभाग ने विशेष रूप से खजुराहो के आसपास भ्रमण जिसमें केंपिंग, विलेज टूर, जल क्रीड़ा, हेरिटेज वॉक के साथ मध्ययुगीन वैभव के प्रदर्शन के प्रति आकर्षित करने के लिए ओरछा, धुबेला, खजुराहो, पन्ना आदि के भ्रमण और अनुभवों के लिए व्यापक मंतव्य प्रदर्शित किए हैं।
पर्यटन विभाग के व्यापक समर्थन के चलते इस बार समारोह में आयामीय विस्तार हुए हैं।
खजुराहो नृत्य समारोह की शुरुआत 1975 में मंदिर प्रांगण से ही हुई थी लेकिन आरंभ के कुछ वर्षों के बाद ही इसे मंदिर प्रांगण में आयोजित करने की अनुमति नहीं मिल सकी। तब से यह आयोजन बाहर स्थित मैदान में किया जा रहा था।
बाद में आयोजक संस्कृति विभाग ने अपनी कोशिश जारी रखी कि आयोजन फिर से मंदिर प्रांगण में ही किया जाए, इस कोशिश में इस वर्ष सफलता मिली है।
20 फरवरी को इस बार के समारोह की शुरुआत विश्वविख्यात भरतनाटयम नृत्यांगना विदुषी गीता चंद्रन और उनकी शिष्य परंपरा नृत्य के साथ होगी। उनकी प्रस्तुति के उपरांत लखनऊ घराने के प्रतिभाशाली कलाकार दीपक महाराज कथक प्रस्तुत करेंगे।
21 फरवरी को ऐश्वर्य वारियर मोहिनी अट्टम प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद मीरनंदा बारठाकुर और उत्पला हुकड़ असम का सत्रिया युगल नृत्य प्रस्तुत करेंगे। तीसरी प्रस्तुति अलिगुंजन कलिता मुदलियार, चंद्रानी कलिता ओझा और अरुणा मोहन्ती के ओडिसी समूह के रूप में होगी।
22 फरवरी की शाम युवा कलाकार सुलग्ना और राजदीप बनर्जी कथक व भरतनाटयम युगल प्रस्तुत करेंगे।
24 फरवरी को पांचवें दिन पूर्णाश्री राउत का ओडिसी नृत्य होगा। उनके पश्चात कुचिपुड़ी नृत्य अविजीत दास और अंत में मोहिनी अट्टम समूह नृत्य भारती शिवाजी अपने कलाकारों के साथ प्रस्तुति देंगे।
छठवें दिन 25 फरवरी को कथक समूह मैत्रेयी पहाड़ी द्वारा, भरतनाटयम सत्यनारायण राजू द्वारा और अंत में कुचिपुड़ी व छाऊ की युगल प्रस्तुति अयाना मुखर्जी और प्रशांत कालिया द्वारा दी जाएगी।
आयाम
विश्व स्तरीय पहचान रखने वाले इस आयोजन में पर्यटकों की उपस्थिति के मद्देनजर समारोह में अनुषंग, हुनर हाट, आर्ट-मार्ट, नेपथ्य, कलावार्ता, चलचित्र, समष्टि, लोकोत्सव भी विशेष आकर्षण होंगे। पर्यटन विभाग ने विशेष रूप से खजुराहो के आसपास भ्रमण जिसमें केंपिंग, विलेज टूर, जल क्रीड़ा, हेरिटेज वॉक के साथ मध्ययुगीन वैभव के प्रदर्शन के प्रति आकर्षित करने के लिए ओरछा, धुबेला, खजुराहो, पन्ना आदि के भ्रमण और अनुभवों के लिए व्यापक मंतव्य प्रदर्शित किए हैं।

