इस दिन पूरी रात खुला रहेगा खजराना मंदिर, सवा लाख मोदक का भोग, 6 करोड़ के सोने के आभूषण से सजेंगे गजानन
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में हजारों लाखों श्रद्धालुओं की आस्था है। यहां रोजाना हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। इंदौर का तो कोई भी नागरिक बगैर खजराना गणेश के दर्शन के अपना कोई नया काम शुरू नहीं करता। अब गणेश चतुर्थी पर यहां विशेष तौर पर तैयारी की जा रही है।
मंदिर में होने वाले आयोजनों, भगवान के श्रृंगार, सजावट, प्रसाद और भोग, लाइटिंग, भक्तों की दर्शन व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था सहित अन्य तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर में 80 से ज्यादा CCTV कैमरों से नजर रखी जाएगी। व्यवस्था के लिए चार थानों का पुलिस बल भी तैनात रहेगा। मंदिर प्रबंधन समिति के 30 सुरक्षा गार्ड यहां नियमित रूप से तैनात रहते हैं। गणेशोत्सव के दौरान इनकी संख्या बढ़ाकर 100 की जाएगी।
सवा लाख मोदकों का भोग : इस बार भी गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का भोग लगाया जाएगा। गणेशोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को सुबह 10 बजे ध्वजा पूजन के साथ होगा। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा और निगम कमिश्नर एवं मंदिर के प्रशासक क्षितिज सिंघल ध्वजा पूजन करेंगे। सवा लाख मोदक बनाने का काम भी जल्द मंदिर परिसर में शुरू होगा।
रातभर होंगे गजानन के दर्शन : गणेशोत्सव से एक दिन पहले हरतालिका तीज को लेकर भी मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि 13 सितंबर को हरतालिका तीज पर मंदिर रातभर भक्तों के दर्शन के लिए खुला रहेगा। यानी मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि गणेशोत्सव पर हर साल मंदिर में भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का भोग लगाया जाता है। इस साल भी सवा लाख मोदक भगवान को अर्पित किए जाएंगे। इसके अलावा 10 दिनों तक शाम की आरती के समय अलग-अलग प्रकार के 11 हजार लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इसमें सोंठ, ड्रायफ्रूट, उड़द आदि के लड्डू शामिल होंगे।
6 करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार: गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश का रोजाना भव्य श्रृंगार किया जाएगा। भगवान को स्वर्ण आभूषण पहनाए जाएंगे। इन स्वर्ण आभूषणों की कीमत 6 करोड़ रुपए से ज्यादा है। आभूषणों को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मंदिर में लाया जाता है। इसके बाद भगवान गणेश को ये स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाते हैं। यह श्रृंगार विशेष होता है। पूरे 10 दिनों तक भगवान के अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार देखने को मिलेगा।
सवा लाख मोदकों का भोग : इस बार भी गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का भोग लगाया जाएगा। गणेशोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को सुबह 10 बजे ध्वजा पूजन के साथ होगा। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा और निगम कमिश्नर एवं मंदिर के प्रशासक क्षितिज सिंघल ध्वजा पूजन करेंगे। सवा लाख मोदक बनाने का काम भी जल्द मंदिर परिसर में शुरू होगा।
रातभर होंगे गजानन के दर्शन : गणेशोत्सव से एक दिन पहले हरतालिका तीज को लेकर भी मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि 13 सितंबर को हरतालिका तीज पर मंदिर रातभर भक्तों के दर्शन के लिए खुला रहेगा। यानी मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि गणेशोत्सव पर हर साल मंदिर में भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का भोग लगाया जाता है। इस साल भी सवा लाख मोदक भगवान को अर्पित किए जाएंगे। इसके अलावा 10 दिनों तक शाम की आरती के समय अलग-अलग प्रकार के 11 हजार लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इसमें सोंठ, ड्रायफ्रूट, उड़द आदि के लड्डू शामिल होंगे।

