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झारखंड स्थापना दिवस 2021 - झारखंड स्थापना दिवस पर जानिए झारखंड के बारे में प्रमुख बातें
स्वतंत्रता के बाद से भारत देश कई हिस्सों में बंट गया। ऐसा इसलिए क्योंकि इस देश में विविध प्रकार की जाति-धर्म और अपने-अपने क्षेत्र की परंपराएं है। झारखंड भी उन्हीं राज्यों में से एक। भारत की आजादी के बाद से झारखंड को अलग राज्य बनाने की मांग उठने लगी थी। संसद द्वारा बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 पारित किया गया और 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस मनाया गया। झारखंड वासियों के लिए आज का दिन भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। झारखंड स्थापना दिवस को आदिवासी दिवस के रूप में भी बनाया जाता है। आइए जानते है झारखंड स्थापना दिवस पर झारखंड के बारे में खास बातें-
- झारखंड राज्य कोयला, तांबा, अयस्क,यूरेनियम, ग्रेनाइट, पत्थर, चूना, मैग्नाइट सहित अन्य खनिज पदार्थों से समृद्ध राज्य है।
- झारखंड एक ऐसा राज्य है जो यूरेनियम, कोकिंग, कोल और पाइराइट का उत्पादन करता है।
- जहां समूचे देश की बात की जाती है कि वह कृषि पर निर्भर है। लेकिन झारखंड की 80 फीसदी ग्रामीण आबादी कृषि पर निर्भर है।
- जहां समूचे देश की बात की जाती है कि वह कृषि पर निर्भर है। लेकिन झारखंड की 80 फीसदी ग्रामीण आबादी कृषि पर निर्भर है।
-झारखंड राज्य की प्रमुख फसल चावल है।
- झारखंड का प्रमुख नृत्य छऊ है। यह मुख्य रूप से दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में नकाबपोश नृत्य है।
- झारखंड का प्रमुख नृत्य छऊ है। यह मुख्य रूप से दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में नकाबपोश नृत्य है।
- राज्य में धान की उत्पादकता में पिछले कई सालों में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2002 में धान की उतपत्ति करीब 22 हजार टन थी। वर्तमान में यह 22 हजार टन के करीब पहुंच गई। इसी के साथ राज्य मछली का उत्पादन भी पिछले सालों के मुकाबले वर्तमान में 208 हजार टन का उत्पादन है।
- झारखंड में शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की स्थिति बेहतर हुई है। 95 फीसदी मैटि्रक पास है।राज्य गठन के वक्त करीब 45 हजार शिक्षक थे।वर्तमान में 1लाख 17 हजार शिक्षक है।
