Diwali Decoration Ideas: दिवाली पर घर सजाने के लिए अपनाएं ये 6 पारंपरिक तरीके
08 नवंबर 2026 रविवार को दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। दीपावली का त्योहार खुशियों, रोशनी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस अवसर पर घर को सुंदर और पारंपरिक तरीके से सजाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यहाँ दीपावली पर की जाने वाली 5 सबसे मुख्य और पारंपरिक सजावट की सूची दी गई है।
1. मिट्टी के दीये और रोशनी (Traditional Diyas)
दीपावली की सजावट मिट्टी के दीयों के बिना अधूरी मानी जाती है। घर की मुंडेर, आंगन, पूजा घर और मुख्य द्वार पर सरसों के तेल या घी के दीये जलाकर सजावट की जाती है। आजकल मिट्टी के दीयों को सुंदर रंगों और मोतियों से सजाकर भी लगाया जाता है।
2. फूलों और आम के पत्तों की तोरण (Bandhanwar/ Toran)
घर के मुख्य द्वार पर गेंदे के फूल, अशोक या आम के पत्तों से बनी तोरण लगाई जाती है। मान्यता है कि यह घर में नकारात्मक ऊर्जा को रोकती है और मां लक्ष्मी के आगमन का स्वागत करती है।
3. रंगोली (Rangoli)
घर के प्रवेश द्वार और पूजा स्थल के सामने प्राकृतिक रंगों, फूलों की पंखुड़ियों या चावल के आटे से सुंदर रंगोली बनाई जाती है। रंगोली को समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
4. पीतल के बर्तन और उरुली (Brass Uruli with Floating Flowers)
पानी से भरे पीतल या मिट्टी के बड़े पात्र (उरुली) में ताजे गेंदे और गुलाब के फूल तैरते हुए सजाए जाते हैं। इसमें बीच में जलते हुए तैरते दीये (Floating Candles) रखने से घर का लुक बेहद शाही और पारंपरिक लगता है।
5. आकाशदीप और पारंपरिक कंदील (Kandeel / Lanterns)
घर के बाहर या बालकनी में कागज, कपड़े या बांस से बना पारंपरिक कंदील (आकाशदीप) टांगा जाता है। यह अंधकार पर प्रकाश की विजय और खुशहाली का संदेश देता है। घर के बाहर, बालकनी या आंगन में रंग-बिरंगे कागज, कपड़े या बांस से बना पारंपरिक कंदील टांगा जाता है, जो शुभता का संदेश देता है।
6. वंदनवार और तोरण (Bandhanwar / Toran)
दीपावली पर घर के मुख्य द्वार पर गेंदे के फूल, अशोक या आम के पत्तों और गोटे से बनी वंदनवार बांधी जाती है। मान्यता है कि वंदनवार लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती और मां लक्ष्मी का शुभ आगमन होता है।

