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3 अक्टूबर : विश्व प्रकृति दिवस पर अपनाएं ये 13 खास उपाय
3 अक्टूबर को विश्व प्रकृति दिवस मनाया जाता है। निम्न उपायों को अपने जीवन में अपनाकर आप पर्यावरण व प्रकृति को बचाने में ... -
जीवन में आनंद, सुख और प्रसन्नता चाहिए तो अपनाएं ये 20 बातें
आज व्यस्तता, तनाव व असमाधानी वृत्ति ने अधिकतर लोगों का सुख-चैन छीन रखा है। धन दौलत, महंगी कार, बड़े बंगले, पद, पहचान, ... -
Environment Day 2020 : पर्यावरण को स्वस्थ रखेंगी ये 10 बातें, प्रकृति व हरियाली से होंगे ये 10 लाभ
पर्यावरण को स्वस्थ व स्वच्छ बनाने, प्रकृति के प्रबंधन के घटक जल, वायु, वसुधा व नभ के आदान-प्रदान में सहायक बन उसके -
World Environment Day 2020 : इको फ्रेंडली बन प्रकृति का प्रबंधन समझें
पृथ्वी व प्रकृति का घेरा या आवरण पर्यावरण कहलाता है। जो वायु, जल, भूमि, गगन, सूर्य का प्रकाश एवं समस्त प्राणियों ... -
सास हो या बॉस, मालिक नहीं केयर टेकर की भूमिका निभाएं, तभी करेंगे सबके दिलों पर राज
मालिक अर्थात शासक जो शासन करना जानता है, अपने अधिकारों के दम पर अपनी मर्जीनुसार निर्णय लेकर उन्हें सभी पर थोपता है। -
कहानी : वह खास दिन
अनिकेतजी रोज की तरह सुबह की सैर से लौटे। अखबार को गेट से निकाला व तारीख पर नजर पड़ते ही आंखों में जो नमी उतरी, उसने हर ... -
बनाएं रखें सकारात्मक सोच, क्योंकि मन के जीते जीत हैं...
आज के प्रतिस्पर्धा के युग में सभी जाने-अनजाने तनाव से ग्रस्त हैं। तनाव की वजह चाहे छोटी हो तुच्छ हो या बड़ी, शरीर पर ... -
जीवन में अपनाएंगे ये 20 बातें, तो बने रहेंगे स्वस्थ और खुशहाल...
शरीर के किसी भी हिस्से का छोटे से छोटा दर्द आपकी हर खुशी छीन लेता है, आपको बेचैन कर देता है। तब उन क्षणों में जिंदगी ... -
मार्मिक कहानी : छोटी मां
आज न सुबह उठते ही स्नेहल के लिए टिफिन बनाने की जल्दी है, न ही सलिल को नाश्ता दे उनका टिफिन भेजना है, न ही सब कुछ ... -
जीवन का आनंद उठाना है तो रहें स्वस्थ, स्वच्छ और सुरक्षित
आज की व्यस्त जिंदगी में सबसे ज्यादा उपेक्षित होता है शरीर। शरीर जिसके बल पर ही हम जीवन व्यतीत करते हैं, जिसके द्वारा ही ... -
पानी का प्रबंधन, पेड़ पौधे प्रकृति व पर्यावरण से ही संभव
पानी कितना अनमोल है यह हमें तब समझ में आता है, जब मई-जून की गर्मी में हमारे नलों में पानी दो-दो दिनों के लिए गायब हो ... -
लेख: प्यारी बिटिया से लाड़ली बहू का सफर
दो मांओं से बनते सुखद स्त्री जीवन की यह सबसे बड़ी विडंबना है कि उसका जन्म व परवरिश किसी और घर में हुई होती है व उसे ... -
कहानी : मोहभंग
आज दो महीनों बाद कुसुमताई अपने घर इंदौर लौट रही थीं। मुंबई स्टेशन पर अवंतिका एक्सप्रेस का इंतजार करते हुए अपने सामान की ... -
बेटी की बिदाई- मां के लिए चुनौती
स्त्री जीवन की यह सबसे बड़ी विडंबना है कि उसका जन्म किसी एक परिवार में होता है, जहां वह कोई 22-25 साल परवरिश पाती है और ... -
नववर्ष 2018 : नए साल पर लें ये 21 संकल्प, जीवन बनेगा खुशहाल
कई खट्टी-मीठी यादों को पोटली में समेटे पुराना वर्ष अतीत के गर्त में समाने को है व नया वर्ष उम्मीदों, सपनों व आशाओं का ...
