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अहिल्याबाई होलकर के प्रति आस्था ने नौकर से बनाया मालिक
Ahilyabai Holkar Birth Anniversary 2025: भारतवर्ष की प्रथम पूजनीय देवी तुल्य मां और शिवभक्त अहिल्याबाई होलकर एक ऐसा नाम ... -
अहिल्याबाई : जन आस्था और विश्वास की देवी
भारतवर्ष की प्रथम पूजनीय देवी तुल्य मां अहिल्याबाई होलकर एक ऐसा नाम है जिसके प्रति कोटि-कोटि जन की आस्था, विश्वास यहां ... -
जज्बाती भाषणों का डोज, धूमिल होती जनता की आशा
राममंदिर को छोड़कर कुछ ही मुद्दे या विषय ऐसे हैं, जिन पर जज्बाती भाषण देकर भाइयों और बहनों की धड़कनें धड़क उठती हैं। -
घरेलू कामकाजी महिला कार्ड: कितनी होंगी वास्तविक घरेलू कामकाजी महिलाएं?
मोहल्ला स्तर के नेताओं तक ने सरकारी योजनाओं के गुलाब जामुन खाए और अपनों को खिलाए। फिर बात चाहे आवास योजना की हो, शिक्षा ... -
विकासशील थे, हैं और रहेंगे
हमारे यहां बुलेट ट्रेन है, जेट हवाई जहाज है, अंतरिक्ष यात्रा पर जा चुके हैं फिर भी हम विकासशील क्यों हैं, क्योंकि इन ... -
स्कूली बच्चों के साथ हादसा: पापा-मम्मी को फुरसत नहीं सुरक्षा देखने की
स्कूली बच्चों की सुरक्षा की गाइड लाइन बनाई जाए और उस पर पूरी तरह से पालन कराया जाए तो आधे से ज्यादा निजी मान्यता ... -
इंदौर लोकसभा सीट : किसके हाथ लगेगी लोकसभा की बाजी
इंदौर लोकसभा सीट से इस बार कौन सा दल बाजी मारेगा, इसके समीकरण लगने शुरू हो गए हैं। मालवा-निमाड़ की अधिकांश -
घोटालों के होते, चौकीदारी के चलते देश गरीब कैसे?
चुनाव का माहौल है, साथ ही चौकीदारी का माहौल भी। हर राजनीतिक दल जनता की चौकीदारी कर रहा है कि जनता को परेशानी तो नहीं। ... -
मतदान जागरूकता : प्रचार-प्रसार में खर्च, जमीनी कार्य पर ध्यान नहीं
लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी खामी यही है कि लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार का बोलबाला रहता है और इसी वजह से ... -
भड़ास... निकल भी जाए तो क्या है?
चार दिन की जिंदगी... लेकिन ये गलत कि दो दिन खुशी दो दिन गम... गम है तो जाने का नाम ना ले... खुशी है तो दामन ना छोड़े। आज ... -
आतंकवाद : कब तक दी जाएंगी श्रद्धांजलियां
लोकतांत्रिक सत्ता में आतंकवाद का पनपना और देश के फौजियों का आतंकवादियों द्वारा मारा जाना वहशतनाक के साथ शर्मनाक इसलिए ... -
रंगमंच व सिनेमा का सफर : नई पीढ़ी पर प्रभाव
अत्याधुनिक तकनीकी के विकास के मद्देनजर रंगमंच से लेकर आज के सिनेमाई सफर पर नजर डाली जाए तो लगता है कि हमने शुद्धता, ... -
भाजपा की हार, कांग्रेस की जीत : छोटी-छोटी बातें भी बनीं कारण
भाजपा की हार के विश्लेषकों ने अनेक कारण गिनाए हैं, साथ ही नई सरकार के सामने आने वाली चुनौतियों का भी लेखा-जोखा रखा है। ... -
मप्र में किसान व परेशान डुबो देंगे भाजपा सरकार को...
मप्र में किसकी सरकार बनेगी? ये नतीजा बस कुछ ही दिनों में खुल जाएगा। वैसे तो संभावना इस बात की है कि इस बार भी भाजपा ही ... -
#मीटू : इनकी कौन सुनेगा, ये स्वयं नहीं उठेंगी
नारी जगत (वीआईपी) शोषण के खिलाफ मीटू अभियान अंतर्गत अपनी आवाज उठा रहा है। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी इस संबंध ... -
पुलिस की बिगड़ी छवि और जनता में डर
अंग्रेज काल के किशोर, युवा यानी आजादी के बाद के अधेड़, बुजुर्गों का अनुभव सिद्ध कथन अकसर बातों में आ जाता है कि ... -
आई (बस) : फजीहत ही फजीहत
मप्र के इंदौर शहर में निजी लोक परिवहन वालों की मनमानी, दादागिरी आदि-इत्यादि (सब नहीं) के मद्देनजर इंदौर नगर निगम द्वारा ... -
मप्र में शिक्षा की पोल
मप्र सरकार शिक्षा के ढोल पीट रही है... और केग की रिपोर्ट ने सारी पोल खोलकर रख दी है। कैग की अखबारों में शाया रिपोर्ट के ... -
हैवानियत का छोर नहीं
बच्चियों के साथ रेप और हत्या की ये दुर्घटनाएं मप्र में फांसी का कानून लागू हो जाने के बावजूद कम नहीं हो रही हैं। इससे ... -
समाजसेवा से कमाई
पैसा यानी नोट कमाने के लिए नेता या दादा होना जरूरी है, मगर दोनों में सक्षम नहीं होने पर आप समाजसेवा में भ्रष्टाचार करके ...
