भानु सप्तमी पर पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग, सूर्य पूजा के साथ करें ये 3 उपाय
Bhanu Saptami Pushya Nakshatra Yoga 2026: जब भी रविवार के दिन सप्तमी का योग बनता है तो उसे भानु सप्तमी कहते हैं। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने और अर्घ्य का महत्व बताया गया है। इस बार दिवाली के पहले 01 नवंबर 2026 को पुष्य नक्षत्र के योग में भानु सप्तमी रहेगी। इस दिन यदि आप पूजा के साथ ही 3 अचूक ज्योतिष उपाय करते हैं तो किस्मत साथ देने लगेगी।
भानु सप्तमी तिथि:-
सप्तमी प्रारंभ- 31 अक्टूबर 2026 को 16:57 से।
सप्तमी अंत- 01 नवंबर 2026 14:51 तक तक।
नोट: उदयातिथि के अनुसार भानु सप्तमी का पर्व 1 नवंबर को रहेगा।
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01 नवंबर को शुभ योग और शुभ मुहूर्त:-
शुभ योग: रवि पुष्य नक्षत्र योग, सिद्ध योग और साध्य योग
शुभ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त- 11:42 से 12:27
गोधूलि मुहूर्त- 17:36 से 18:02
भानु सप्तमी के दिन व्रत रखें:
भानु सप्तमी के दिन की व्रत रखकर भगवान सूर्य की आराधना करने वाले को हर कार्य में विजय मिलती है। समस्त रोगों का नाश होता है। ग्रह दोष दूर होते हैं। संतान प्राप्ति तथा पिता-पुत्र में प्रेम बढ़ता है। धूप सेंकने या सूर्य की तरफ मुख करके सूर्य स्तुति करने से शारीरिक बीमारी तथा चर्म रोग, हड्डियों की कमजोरी तथा जोड़ों में दर्द आदि समाप्त जाते हैं।
भानु सप्तमी पर सूर्य पूजा:
इस दिन संकल्प लेकर व्रत करने तथा विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन करके भगवान सूर्यदेव की आरती करने से जीवन के समस्त दुखों का निवारण होता है। इस दिन सूर्योदय होने से पूर्व जल्दी उठकर स्नान कर लें और व्रत का संकल्प लें। स्नान करने के बाद उगते सूर्य की आराधना करते हैं।
1. सूर्य देव को अर्घ्य दें:
सूर्यदेव सूर्यदेव को विधिवत रूप से अर्घ्य अर्पित करें। सूर्य देव को जल देने और उनकी पूजा करने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है, जिससे मान-सम्मान, नौकरी में तरक्की और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत (चावल) और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय "ॐ सूर्याय नमः" या "ॐ घृणि सूर्याय नमः" का जाप करें।
2. महादान:
भानु सप्तमी के दिन तांबे के बर्तन, गेहूं, गुड़, लाल कपड़े या रसीले फलों का दान किसी जरूरतमंद को करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
3.आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ:
इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ तथा मंत्र जाप करना विशेष लाभकारी होता है। यदि जीवन में परेशानियां बहुत बढ़ गई हैं या करियर में रुकावट आ रही है, तो इस दिन 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ जरूर करें।

