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पोस्ट कोविड बीमारियों को प्रियंका ‘योग’ से दे रहीं मात, अब तक सैकड़ों लोगों को सिखा चुकी, पहले ‘हॉबी’ था, अब योग बन गया ‘पैशन’
इन दिनों युवाओं में योग का क्रेज है। प्रियंका पटेल एक ऐसा ही नाम है, जिनकी उम्र तो महज 26 साल है, लेकिन उन्होंने न सिर्फ योग को अपनाया है, बल्कि अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों को योग का पाठ भी पढ़ा चुकी हैं।
जिन लोगों को प्रियंका योग सिखा रही हैं, उनमें ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हैं, जो पोस्ट कोरोना किसी न किसी तरह की बीमारी से जूझ रहे थे।
खास बात यह है किअपने प्रोफेशन में रहते हुए वो लोगों से मिलकर और कई बार ऑनलाइन दोनों तरह से योग का प्रशिक्षण दे रही हैं। योग से ही प्रियंका की दिनचर्या शुरू होती है।
अदभुत उर्जा है योग : प्रियंका ने बताया कि दरअसल, साल 2017 में उन्होंने खुद योग सीखना शुरू किया था और करीब दो साल बाद 2019 में उन्होंने इसमें निपुणता हासिल कर दूसरों को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया।
वो कहती हैं, योग एक अदभुत उर्जा है, इसका अनुभव उन्हें दो साल में ही हो गया था। योग के कई मानसिक और शारीरिक फायदे हैं। इसे अपनाने के बाद जो अनुभव हुए उसको बयान करना बेहद मुश्किल है। ऐसे में वो चाहती थी कि जो लोग योग के फायदों के बारे में नहीं जानते और किसी न किसी शारीरिक और मानसिक तकलीफ से जूझ रहे हैं, उन्हें भी इसका भरपूर फायदा मिले, इसलिए सिखाना शुरू कर दिया।
पहले हॉबी थी, अब हो गया पैशन : प्रियंका कहती हैं कि योगा उनकी हॉबी है, लेकिन अब पैशन बन चुका है। इसके बगैर उनकी खुद की दिनचर्या अधूरी है। योगाभ्यास के लिए वे सुबह 5 बजे उठ जाती हैं, इसके बाद कई प्रोफेशनल्स को योग का ऑनलाइन प्रशिक्षण देती हैं। वे बताती हैं कि योग में अनुशासन और आहार दोनों बेहद जरूरी है।
डिग्री ली और अपना लिया योग : प्रियंका ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से सर्टिफिकेट इन योगा किया। इसके बाद योगिक थैरेपी में पोस्ट ग्रेज्युएट डिप्लोमा किया और फिर योगा में मास्टर डिग्री ली है। इतना सबकुछ करने के बाद वे अब उन्होंने पूरी से योग को अपना लिया है। हाल ही में कोराना के बाद आयोजित किए गए योग निरोग कार्यक्रम में उन्होंने बतौर योग प्रशिक्षक भाग लिया और कई ऐसे लोगों को योग सिखाकर फायदा पहुंचाया जो कोरोना के बाद किसी न किसी तकलीफ से जूझ रहे थे।
जिन लोगों को प्रियंका योग सिखा रही हैं, उनमें ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हैं, जो पोस्ट कोरोना किसी न किसी तरह की बीमारी से जूझ रहे थे।
खास बात यह है किअपने प्रोफेशन में रहते हुए वो लोगों से मिलकर और कई बार ऑनलाइन दोनों तरह से योग का प्रशिक्षण दे रही हैं। योग से ही प्रियंका की दिनचर्या शुरू होती है।
अदभुत उर्जा है योग : प्रियंका ने बताया कि दरअसल, साल 2017 में उन्होंने खुद योग सीखना शुरू किया था और करीब दो साल बाद 2019 में उन्होंने इसमें निपुणता हासिल कर दूसरों को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया।
वो कहती हैं, योग एक अदभुत उर्जा है, इसका अनुभव उन्हें दो साल में ही हो गया था। योग के कई मानसिक और शारीरिक फायदे हैं। इसे अपनाने के बाद जो अनुभव हुए उसको बयान करना बेहद मुश्किल है। ऐसे में वो चाहती थी कि जो लोग योग के फायदों के बारे में नहीं जानते और किसी न किसी शारीरिक और मानसिक तकलीफ से जूझ रहे हैं, उन्हें भी इसका भरपूर फायदा मिले, इसलिए सिखाना शुरू कर दिया।
पहले हॉबी थी, अब हो गया पैशन : प्रियंका कहती हैं कि योगा उनकी हॉबी है, लेकिन अब पैशन बन चुका है। इसके बगैर उनकी खुद की दिनचर्या अधूरी है। योगाभ्यास के लिए वे सुबह 5 बजे उठ जाती हैं, इसके बाद कई प्रोफेशनल्स को योग का ऑनलाइन प्रशिक्षण देती हैं। वे बताती हैं कि योग में अनुशासन और आहार दोनों बेहद जरूरी है।
डिग्री ली और अपना लिया योग : प्रियंका ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से सर्टिफिकेट इन योगा किया। इसके बाद योगिक थैरेपी में पोस्ट ग्रेज्युएट डिप्लोमा किया और फिर योगा में मास्टर डिग्री ली है। इतना सबकुछ करने के बाद वे अब उन्होंने पूरी से योग को अपना लिया है। हाल ही में कोराना के बाद आयोजित किए गए योग निरोग कार्यक्रम में उन्होंने बतौर योग प्रशिक्षक भाग लिया और कई ऐसे लोगों को योग सिखाकर फायदा पहुंचाया जो कोरोना के बाद किसी न किसी तकलीफ से जूझ रहे थे।
