अयोध्या में दीपोत्सव की भव्य छटा, 21 आकर्षक झांकियों के साथ शोभायात्रा; रामकथा पार्क से राम की पैड़ी तक दिखेगी त्रेतायुग की झलक
रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति, आस्था और भारतीय संस्कृति के रंगों से डूबा हुआ नजर आ रही है। दीपोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर रामजन्म भूमि अयोध्या में लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। शहर की सड़कों पर रामायण के प्रसंगों, भारतीय लोकसंस्कृति और सामाजिक संदेशों को समेटे आकर्षक झांकियों का निकलना शुरू हो गई है। विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुतियां देकर दीपोत्सव पर्व की रौनक में चार चांद लगा रहें हैं। ALSO READ: संत भावविभोर, बोले- योगी सरकार के प्रयासों ने दीपोत्सव को बनाया वैश्विक पहचान
दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा/ झांकियां के साथ हो रही है। उत्तर प्रदेश प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्रचार-प्रसार करेंगे। ये सभी झांकियां साकेत महाविद्यालय से रामपथ होते हुए रामकथा पार्क तक पहुंचेंगी। शोभायात्रा के लिए रथों को कतारबद्ध तरीके से सजाने और निर्धारित क्रम में लगाने का कार्य शुरू हो चुका है।
इन झांकियों में रामायण के सातों कांड की झलक देखने को मिलेगी। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंगों के साथ सामाजिक सरोकार, जनजागरूकता और केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इनका उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज को सकारात्मक संदेश देना है।
लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
दीपोत्सव में इस बार देश के विभिन्न राज्यों की लोककलाओं और पारंपरिक नृत्य शैलियों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मथुरा का प्रसिद्ध मयूर नृत्य लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र बना हुआ है। वहीं प्रयागराज और उत्तर प्रदेश की पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों के साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना के कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन कर रहे हैं।
रंग-बिरंगे परिधानों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और मनमोहक नृत्य मुद्राओं के माध्यम से कलाकार भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित कर रहे हैं। अलग-अलग राज्यों की लोककलाओं का यह संगम दीपोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता के उत्सव का झलक भी है। ALSO READ: सात समंदर पार गूंजा दीपोत्सव, अयोध्या की भव्यता देखने ऑस्ट्रेलिया से आए शेन
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का निर्धारित कार्यक्रम
दीपोत्सव के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री का आगमन दोपहर दो बजे अयोध्या एयरपोर्ट पर प्रस्तावित है। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन और रामकथा पार्क में विभिन्न कार्यक्रमों में पहुंचकर अयोध्यावासियों को दीप पर्व की शुभकामनाएं देंगे।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार:
- दोपहर 1:25 बजे: लखनऊ से प्रस्थान।
- दोपहर 2:00 बजे: अयोध्या एयरपोर्ट आगमन।
- 2:00 से 2:35 बजे: उपराष्ट्रपति के स्वागत एवं अभिनंदन के लिए आरक्षित समय।
- 2:55 से 3:05 बजे: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन।
- 3:10 से 3:25 बजे: रामकथा पार्क में शोभायात्रा एवं प्रदर्शनी का अवलोकन।
- 3:30 से 3:40 बजे: श्रीराम-सीता अवतरण एवं भरत मिलाप कार्यक्रम।
- 3:45 से 5:15 बजे: श्रीराम राज्याभिषेक, संतजन सम्मान एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- 5:20 से 5:30 बजे: सरयू अतिथि गृह के लिए आरक्षित समय।
- 5:35 से 5:55 बजे: नया घाट पर सरयू आरती।
- शाम 6:00 से 7:50 बजे: राम की पैड़ी पर दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो और ड्रोन शो।
- शाम 7:50 बजे: राम की पैड़ी से प्रस्थान।
- रात 8:10 से 8:15 बजे: अयोध्या एयरपोर्ट पर उपराष्ट्रपति की विदाई।
- रात 8:40 से 9:25 बजे: अंतरराष्ट्रीय एवं भारतीय रामलीलाओं का मंचन और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण, रात्रि विश्राम आरक्षित है।
राम की पैड़ी पर दिखेगा दीपोत्सव का भव्य नजारा
दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण छोटी दीपावली की शाम राम की पैड़ी पर पर देखने के लिए मिलेगा। यहां दीपों की थंग-बिरंगी रोशनी, रंगीन प्रकाश सज्जा और आधुनिक तकनीक के माध्यम से रामायण की गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। 3 डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो और ड्रोन शो के जरिए रामनगरी के आसमान और सरयू तट पर आकर्षक दृश्य दिखाया जायेगा।
इसके साथ ही सरयू के नये घाट पर होने वाली आरती श्रृद्धालुओं और पर्यटकों को आध्यात्मिक रूप जोड़ते हुए वातावरण को और मनोहारी बना देगा। अंतरराष्ट्रीय और भारतीय रामलीलाओं के मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और जीवन दर्शन को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का संगम
अयोध्या का दीपोत्सव अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और लोककलाओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है। शोभायात्राओं में रामायण के प्रसंगों से लेकर विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियों तक, हर प्रस्तुति में भारत की विविधता और भगवान श्रीराम के आदर्शों की झलक दिखाई दे रही है।
पूरी रामनगरी में दीपोत्सव को लेकर उत्साह का माहौल है। साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली शोभायात्रा से लेकर रामकथा पार्क के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और राम की पैड़ी के भव्य दीपोत्सव तक, अयोध्या में दिनभर उत्सव की छटा बिखरने वाली है।

