1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. दीपावली
  4. ravi pushya nakshatra yog 2026 before diwali

01 नवंबर को महासंयोग: दिवाली से पहले रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना दिलाएगा धन-समृद्धि?

Ravi Pushya Yog 2026
Pushya Nakshatra 2026: वर्ष 2026 में 06 नवंबर को त्रयोदशी तिथि, प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का अद्भुत संयोग बनने से धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले पुष्य नक्षत्र का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इस बार 01 नवंबर 2026 (रविवार) को पुष्य नक्षत्र पड़ने के कारण अति दुर्लभ और महाफलदायी 'रवि पुष्य योग' का निर्माण हो रहा है। इस दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना अक्षय फल प्रदान करता है।
 

पुष्य नक्षत्र की तिथि और समय

आरंभ: 01 नवंबर 2026, रविवार (सुबह 05:39 बजे से)
समाप्त: 02 नवंबर 2026, सोमवार (सुबह 04:30 बजे तक)
तिथि: कार्तिक माह, कृष्ण पक्ष (अष्टमी तिथि)
 

खरीदारी एवं शुभ कार्य के महामुहूर्त

रवि पुष्य योग (दिनभर का महामुहूर्त):
01 नवंबर, सुबह 05:39 बजे से 02 नवंबर, सुबह 04:30 बजे तक
 

सर्वार्थ सिद्धि योग:

01 नवंबर, सुबह 06:33 बजे से 02 नवंबर, सुबह 04:30 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की खरीदारी के लिए):
दोपहर 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त (शाम की खरीदारी के लिए):
शाम 05:36 बजे से शाम 06:02 बजे तक
 

रवि पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदना रहेगा शुभ?

ज्योतिष शास्त्र और ग्रहों के प्रभाव के अनुसार, इस महासंयोग पर निम्नलिखित वस्तुओं की खरीदारी और निवेश करना अत्यंत लाभप्रद माना गया है:
सोना (Gold): पुष्य नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए इस दिन सोना खरीदना या सोने के आभूषण बनवाना अत्यंत शुभ और समृद्धिदायक होता है।
चांदी एवं नए बर्तन: चंद्रमा का प्रभाव रहने के कारण चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या रसोई के नए बर्तन खरीदना घर में सुख-शांति लाता है।
वाहन एवं मशीनरी: शनिदेव के प्रभाव के कारण इस दिन कार, बाइक, लोहा या भारी मशीनरी खरीदना बेहद फलदायी माना जाता है।
प्रॉपर्टी व अन्य निवेश: नए बही-खाते, बही-पुस्तके, नए वस्त्र, घर की उपयोगी वस्तुएं तथा जमीन, मकान या रियल एस्टेट में निवेश करना अक्षय समृद्धि प्रदान करता है।

नोट: पुष्‍य नक्षत्र के दिन यदि आप सोना, चांदी, वाहन या कोई महंगी वस्तुएं नहीं खरीद पा रहे हैं तो पूजा का सामान, चंदन की बट्टी, इत्र या लक्ष्मी चिन्ह खरीद सकते हैं। जैसे कौड़ियां, शंख, स्वास्तिक, मिट्टी का दीपक, श्री यंत्र आदि वस्तुएं खरीद सकते हैं।
अगला लेख
शुक्र का स्वयं की राशि में उदय, इन राशियों को मिलेगा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद, हो जाएंगे मालामाल