सम्बंधित जानकारी
- प्रभु श्रीराम से जुड़े चौंकाने वाले रहस्य : श्रीराम ने क्यों ली जल समाधि
- Ram Navami 2021 : आपदा, रोग और महामारी पर विजय पाने के लिए श्रीराम की आराधना कैसे करें
- Shri Ram Navami Shubh Muhurat : राम नवमी के दिन पूजा का सबसे शुभ समय कौन सा है
- ram navami 2021 : 7 शब्दों का तारक महामंत्र है - श्री राम, जय राम, जय जय राम
- Ram Navami 2021 : रामनवमी के मंगल पर्व पर मानस के मंत्रों को कैसे सिद्ध करें
भगवान राम पर लिखी ये प्रमुख 5 रामायण ही पढ़ें
भगवान श्रीराम पर भारत में 5 प्रमुख रामायण ज्यादा प्रचलित है, जिसकी चर्चा अक्सर की जाती है। जानिए इन पांच के नाम।
1.वाल्मीकि कृत रामायण : रामायण को वाल्मीकि ने श्रीराम के काल में ही लिखा था इसीलिए इस ग्रंथ को सबसे प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है। यह मूल संस्कृत में लिखा गया ग्रंथ है।
2. श्रीरामचरित मानस : श्रीरामचरित मानस को गोस्वामी तुलसीदासजी ने लिखा जिनका जन्म संवत् 1554 को हुआ था। गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरित मानस की रचना अवधी भाषा में की।
3. कम्बन रामायण : तमिल भाषा में लिखि कम्बन रामायण दक्षिण भारत में ज्यादा प्रचलित है। इसे 'इरामावतारम्' भी कहते हैं। इसे कवि कम्बन ने लिखा था।
4.अद्भुत रामायण : यह रामायण संस्कृत में लिखि गई है। जिसमें 27 सर्गों का उल्लेख है। कहा जाता है कि इस ग्रंथ की रचना भी वाल्मीकि ने की थी। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसकी रचना किसने की थी।
5. आनंद रामायण : इस रामायण के 9 कांड है। पहले में 13, दूसरे में 9, तीसरे में 9, चौथे में 9, पांचवें में 9, छठे में 9, सातवें में 24, आठवें में 18, नौवें में 9 सर्ग है।
इसके अलावा असम में असमी रामायण, उड़िया में विलंका रामायण, कन्नड़ में पंप रामायण, कश्मीर में कश्मीरी रामायण, बंगाली में रामायण पांचाली, मराठी में भावार्थ रामायण भी प्रचलित है। दुनियाभर में 300 से ज्यादा रामायण प्रचलित हैं।
