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श्योपुर : त्रिकोणीय संघर्ष बन सकता है रावत के लिए मुसीबत
श्योपुर। राजस्थान से सटे मध्यप्रदेश के चंबल और पार्वती नदी के किनारे बसे श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा पर इस बार पिछले पांच बार से विधायक रामनिवास रावत के लिए त्रिकोणीय संघर्ष मुसीबत बन सकता है।
जिले की दोनों विधानसभाओं श्योपुर और विजयपुर में चुनावी रंग अब अपने अंतिम समय में है। विजयपुर विधानसभा से कांग्रेस ने इस बार फिर पांच बार के विधायक पूर्व मंत्री व प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत को उतारा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस बार भी पिछले दो बार से हार रहे सीताराम आदिवासी पर ही दांव खेला है।
यहां से दो बार भाजपा विधायक रहे बाबूलाल मेवरा लगातार टिकट कटने से नाखुश होकर इस बार बागी होकर बहुजन समाज पार्टी के खेमे से मैदान में हैं। मेवरा के बागी होने से कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही वोट कटने का खतरा है।
श्योपुर विधानसभा पर इस बार जिले के दो बार कलेक्टर रह चुके पन्नालाल सोलंकी भाजपा से टिकट नहीं मिलने के चलते निर्दलीय मैदान में हैं। यहां से भाजपा ने फिर दुर्गालाल विजय को ही चुनावी मैदान में उतारा है। मीणा बाहुल्य इस सीट पर कांग्रेस ने बाबू जंडेल मीणा को उम्मीदवार बनाया है।
श्योपुर विधानसभा में करीब 75 प्रतिशत ग्रामीण मतदाता हैं। यहां पिछले 14 चुनाव में लगातार कोई दूसरी बार विधायक नहीं रहा है। (वार्ता)