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अब कब होगा Vice President का चुनाव, क्या है पूरी प्रक्रिया और जानिए क्या है इस पद के लिए योग्यता?
सोमवार देर रात उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े के बाद एक विकट स्थिति पैदा हो गई है। उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। ऐसे में उप-राष्ट्रपति का पद खाली हो गया है। अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि इस रिक्त पद के लिए अब आगे क्या होगा। कब चुनाव होंगे, इस पद के उम्मीदवारों के लिए क्या होनी चाहिए योग्यता। जानिए इस विषय पर सबकुछ।
बता दें कि जगदीप धनखड़ भारत के इतिहास में अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफ़ा देने वाले केवल तीसरे उपराष्ट्रपति हैं। इससे पहले वी.वी. गिरि और आर. वेंकटरमन ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ा था और उनके बाद क्रमशः गोपाल स्वरूप पाठक और शंकर दयाल शर्मा राष्ट्रपति बने थे।
अब आगे क्या होगा : अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उपराष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन कौन करेगा? संविधान में कार्यवाहक उपराष्ट्रपति का प्रावधान नहीं है। हालांकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं, इसलिए उपसभापति - वर्तमान में हरिवंश नारायण सिंह, उनकी अनुपस्थिति में सदन की अध्यक्षता करेंगे।
कब होगा चुनाव : राष्ट्रपति के मामले में संविधान के अनुसार इस रिक्त पद को 6 महीने के भीतर भरा जाना आवश्यक है। लेकिन उपराष्ट्रपति पद की रिक्तता के लिए ऐसी कोई निश्चित समय सीमा नहीं है। एकमात्र शर्त यह है कि पद रिक्त होने के बाद यथाशीघ्र चुनाव कराए जाएं। चुनाव आयोग कार्यक्रम की घोषणा करेगा। यह चुनाव राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के तहत आयोजित किया जाता है। नियमों के मुताबिक संसद के किसी भी सदन के महासचिव को बारी-बारी से निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया जाता है।
नए उपराष्ट्रपति कितने समय तक पद पर रहेंगे : निर्वाचित उम्मीदवार पदभार ग्रहण करने की तिथि से पूरे पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगा। वे केवल धनखड़ के शेष कार्यकाल के लिए नहीं होंगे।
कैसे होता है भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव : उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, से बने एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति चुनाव के विपरीत, राज्य विधानसभाएं इसमें भाग नहीं लेती हैं।
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की क्या योग्यता होना चाहिए : उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए, कम से कम 35 वर्ष का होना चाहिए, राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के योग्य होना चाहिए और किसी भी संसदीय क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। उन्हें राष्ट्रपति, राज्यपाल या मंत्री जैसे पदों को छोड़कर, केंद्र या राज्य सरकारों के अधीन किसी भी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए।
Edited By: Navin Rangiyal
बता दें कि जगदीप धनखड़ भारत के इतिहास में अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफ़ा देने वाले केवल तीसरे उपराष्ट्रपति हैं। इससे पहले वी.वी. गिरि और आर. वेंकटरमन ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ा था और उनके बाद क्रमशः गोपाल स्वरूप पाठक और शंकर दयाल शर्मा राष्ट्रपति बने थे।
अब आगे क्या होगा : अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उपराष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन कौन करेगा? संविधान में कार्यवाहक उपराष्ट्रपति का प्रावधान नहीं है। हालांकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं, इसलिए उपसभापति - वर्तमान में हरिवंश नारायण सिंह, उनकी अनुपस्थिति में सदन की अध्यक्षता करेंगे।
नए उपराष्ट्रपति कितने समय तक पद पर रहेंगे : निर्वाचित उम्मीदवार पदभार ग्रहण करने की तिथि से पूरे पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगा। वे केवल धनखड़ के शेष कार्यकाल के लिए नहीं होंगे।
कैसे होता है भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव : उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, से बने एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति चुनाव के विपरीत, राज्य विधानसभाएं इसमें भाग नहीं लेती हैं।
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की क्या योग्यता होना चाहिए : उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए, कम से कम 35 वर्ष का होना चाहिए, राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के योग्य होना चाहिए और किसी भी संसदीय क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। उन्हें राष्ट्रपति, राज्यपाल या मंत्री जैसे पदों को छोड़कर, केंद्र या राज्य सरकारों के अधीन किसी भी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए।
Edited By: Navin Rangiyal
