26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, CJP का प्रदर्शन जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की घोषणा और शिक्षा सचिव विनित जोशी को हटाए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। वे नीट पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों से अनशन पर थे। सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद भी जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। आज दोपहर 12:30 बजे सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत होगी। ALSO READ: PM मोदी का छात्रों के नाम Video संदेश, पेपर लीक पर और सख्त होगा कानून, कैबिनेट लाएगी नया बिल
वांगचुक ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा- कई राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे अनशन खत्म करने की अपील की थी। लंबी बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति बनने के साथ-साथ देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए मैंने यह फैसला लिया है।
नड्डा ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।
END OF HUNGER... BEGINNING OF ACCOUNTABILITY...!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… pic.twitter.com/0C9YX5VlsL
पीएम मोदी की सोनम वांगचुक से अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद अपनी पोस्ट में कहा, मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं की वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें। मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि सोनम जी स्वस्थ रहें। ALSO READ: भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?
वांगचुक के अनशन खत्म होने से अभिजीत दीपके खुश
वांगचुक के अनशन खत्म करने पर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार के लिखित आश्वासन पर तोड़ा अनशन
बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक ने सरकार के 2 लिखित आश्वासन पर अपना अनशन समाप्त किया है। सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि अगर छात्र हिंसक नहीं हैं, तो उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे। सरकार ने आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने पर विचार करने का आश्वासन भी दिया है।
गौरतलब है कि वांगचुक ने 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग अस्तापल में भर्ती कराया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर 21 जुलाई को उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था।
