'प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद', जयराम रमेश का मोदी पर हमला, बोले- देश से माफी मांगें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों को माफ करने वाले बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को युवाओं, पेपर लीक, नोटबंदी और अन्य मुद्दों पर देश से माफी मांगनी चाहिए। ALSO READ: PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ, बोले- ये भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सही राह दिखाने की जरूरत
वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, कांग्रेस खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। वह अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए वे न केवल अपनी सार्वजनिक सभाओं में, बल्कि संसद के भीतर भी बार-बार झूठ फैलाते हैं। संसद के भीतर और बाहर गाली-गलौज करने वालों की पूरी फौज को खुली छूट देते हैं और उन्हें पूरा संरक्षण भी प्रदान करते हैं।
कब माफी मांगेंगे पीएम मोदी?
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश इस बात का इंतजार कर रहा है कि प्रधानमंत्री NTA की पेपर लीक से ग्रस्त व्यवस्था के कारण लाखों युवाओं को हुई पीड़ा और छात्र आंदोलनों पर गृह मंत्रालय के संरक्षण में हुई बर्बर कार्रवाई के लिए माफी मांगें। पूरा देश राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए चंदा चोरी, आस्था धोखा प्रकरण पर भी प्रधानमंत्री से माफी की अपेक्षा कर रहा है, जिसकी स्थापना की घोषणा उन्होंने स्वयं 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में बड़े जोर-शोर से की थी।
जयराम रमेश ने कहा कि पूरा देश आज भी 8 नवंबर 2016 को लिए गए उनके तुगलकी फैसले के लिए उनकी माफी का इंतजार कर रहा है, जिसने करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन ली और लाखों MSME बंद होने की कगार पर पहुंच गए। ऐसे मामलों की सूची बहुत लंबी है। ALSO READ: PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR
खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 1, 2026
वह अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए वे न केवल अपनी सार्वजनिक सभाओं में, बल्कि संसद के भीतर भी बार-बार झूठ…
आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा
जयराम रमेश ने कहा कि लेकिन बीती रात प्रधानमंत्री ने आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा दिखाते हुए कहा कि उन्होंने हमारे युवाओं को माफ कर दिया है। यह देश और उन युवाओं का अपमान है, जिन्होंने उनकी सरकार के दौरान पीड़ा झेली है और जो पूरी तरह न्यायोचित रूप से उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम सभाएं अब किसी को बेवकूफ नहीं बना सकतीं।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर गाली देने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने बहुत गंदी गालियां दीं... गालियां मुझे दी गईं और मेरी दिवंगत मां को भी दी गईं। इस तरह की भाषा को लेकर समाज का गुस्सा स्वाभाविक है, खासकर जब कथित तौर पर कुछ युवा महिलाओं द्वारा भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि इन युवाओं को सही दिशा दिखाई जाए, न कि उन्हें कानूनी लड़ाई में उलझाया जाए।
उन्होंने कहा कि ये भटके हुए बच्चे हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सजा देकर, अदालतों के चक्कर लगवाकर या समाज में परेशान करके परिस्थितियों को नहीं बदला जा सकता।

