RSS से निपटने वाले कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की कार्यकर्ताओं को सीख
भोपाल। सोशल मीडिया पर कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ के नाम से लिखा एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें वे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय धर्म और जाति से संबंधित किसी भी विषय पर टिप्पणी नहीं करने को कह रहे हैं।
पत्र में कमलनाथ के हवाले से कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि कांग्रेस महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है। कांग्रेस में घृणा फैलाने और दूसरों को अपमानित करने की जगह नहीं है।
पत्र में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा गया है कि वे धार्मिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और उच्चतम न्यायालय में लंबित संवेदनशील विषयों पर कोई टिप्पणी नहीं करें। किसी प्रतिद्वंदी पर अनर्गल, असंसदीय या अपमानजनक भाषा में टिप्पणी नहीं करें।
पत्र में कांग्रेस नेताओं से बिना प्रमाण के किसी प्रतिद्वंदी नेता पर आरोप नहीं लगाने को भी कहा गया है। कमलनाथ ने भाजपा पर चुनाव में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने का भी आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस नेता ऐसे भ्रम और अफवाहों से मुकाबला करने के लिए तैयार रहें।
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आठ नवंबर की तारीख वाले इस पत्र में कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि कांग्रेस भारतीय संविधान, उच्चतम न्यायालय और चुनाव आयोग के निर्देशों को मानती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सभी कार्यकर्ता उनके निर्देशों को मानेंगे। पार्टी की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने बताया कि कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं के नाम पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें कई निर्देश दिए गए हैं।
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गौरतलब है कि हाल ही में कमलनाथ का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे मुस्लिम समुदाय के बीच बातचीत कर रहे हैं और उन्हें संघ से सतर्क रहने की बात कह रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं हम संघ से बाद में निपट लेंगे। (वार्ता/वेबदुनिया)