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अब प्रमोशन में रिजर्वेशन पर फंसी शिवराज सरकार, सपाक्स और अजाक्स ने सरकार पर बनाया दबाव

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भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर प्रमोशन में रिजर्वेशन का मुद्दा गर्मा गया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर प्रदेश में कर्मचारियों के दो बड़े संगठन अजाक्स और सपाक्स आमने सामने आ गए हैं। जहां अजाक्स के महासचिव एसएल सूर्यवंशी ने वेबदुनिया से बातचीत में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अपने पक्ष में बताते हुए कहा कि सरकार तुरंत प्रमोशन में रिजर्वेशन का आदेश जारी करे। 
अजाक्स ने प्रमोशन में रिजर्वेशन पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के पहले दिए बयान की तारीफ करते हुए आरक्षण पर सरकार के रुख के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया है। इसके साथ ही अजाक्स ने सरकार को चेताया है कि अगर उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया और तो वे चुनाव में भाजपा का विरोध भी कर सकते हैं। 
 
इसके साथ ही अजाक्स ने कहा कि चुनाव में वो उस पार्टी का समर्थन करेंगे जो उनकी मांगों को पूरा करेगी। वेबदुनिया ने जब सूर्यवंशी से कांग्रेस को समर्थन देने के बारे में पूछा तो सूर्यवंशी ने कहा कि अगर कांग्रेस अपने मेनिफेस्टो में उनकी मांगों को पूरा करने का वादा करेगी तो संगठन उनको भी समर्थन दे सकता है।
 
वहीं दूसरी ओर सामान्य वर्ग के बड़े संगठन सपाक्स ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सहीं बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने नागराज केस में दिए अपने फैसले को सही बताते हुए रिव्यू करने से इंकार कर दिया है। सपाक्स के संरक्षक हीरालाल का कहना है कि मध्यप्रदेश में प्रमोशन में रिजर्वेशन लागू नहीं हो सकता है क्योंकि इससे प्रशासनिक दक्षता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
 
सपाक्स संरक्षक का कहना है कि प्रमोशन में रिजर्वेशन के फैसले से जूनियर कर्मचारी सीनियर हो जाता है, जिससे सीनियर लोग काम नहीं कर पाते हैं। हीरालाल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार प्रमोशन में रिजर्वेशन देने पर कोई फैसला नहीं लेगी।
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