सम्बंधित जानकारी
- Karwa Chauth Puja Samagri List : करवा चौथ पूजन में जरूरी हैं 34 चीजें, जानिए सूची
- karwa chauth muhurat : करवा चौथ कब है, जानिए शुभ मुहूर्त, मंत्र, चंद्रोदय और पूजा विधि
- Karwa Chauth Dress Color : करवा चौथ 2020 पर राशि अनुसार कैसे करें श्रृंगार, कौन सी पूजा होगी शुभ
- Karwa chauth puja vidhi 2020: कैसे करें करवा चौथ व्रत को, जानिए सरल विधि
- करवा चौथ के व्रत से जुड़ींं 8 पौराणिक बातें
Karva chauth niyam : करवा चौथ पूजा के 6 जरूरी नियम
करवा चौथ का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह व्रत महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु की कामना के लिए रखती हैं। इस व्रत में महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहती हैं और शाम को चांद के उदय होने के बाद व्रत खोलती हैं। इस व्रत में शिव परिवार सहित चंद्र देवता की भी पूजा की जाती है। इस व्रत में कुछ नियम हैं, जिनका पालन जरूर किया जाना चाहिए:
1.इस व्रत में कहीं सरगी खाने का रिवाज है, तो कहीं नहीं है। इसलिए अपने परंपरा के अनुसार ही व्रत रखना चाहिए। सरगी व्रत के शुरू में सुबह दी जाती है। एक तरह से यह आपको व्रत के लिए दिनभर ऊर्जा देती है।
2.इस व्रत में महिलाओं को पूरा श्रृंगार करना चाहिए। इस व्रत में महिलाएं मेहंदी से लेकर सोलह श्रृंगार करने चाहिए।
3.चंद्रमा के आने तक रखा जाता है व्रत: इस व्रत को चंद्रमा के आने तक रखते हैं। उसके बाद व्रत को पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जाता है। लेकिन इसके पहले निर्जला व्रत रखा जाता है। हर जगह अपने-अपने रिवाजों के अनुसार व्रत रखा जाता है।
4.करवों से पूजा : इस व्रत में मिट्टी के करवे लिए जाते हैं और उनसे पूजा की जाती है। करवा चौथ माता की कथा सुनना भी बहुत जरूरी है। कहीं कहीं सामर्थ्य अनुसार सोने, चांदी और पीतल के करवे का प्रचलन है।
5.करवा चौथ की पूजा में करवा माता के अतिरिक्त भगवान शिव, गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय सहित नंदी जी की भी पूजा की जाती है।
6. पूजा के बाद चंद्रमा को छलनी से ही देखा जाता है और उसके बाद पति को भी उसी छलनी से देखते हैं। फिर उस चलनी को घरेलू काम में उपयोग में नहीं लेना चाहिए।
