करवा चौथ पर निर्जला व्रत रख रहे हैं तो रखें ये 5 सावधानियां, जान लें चंद्रोदय का समय
Karwa Chauth Vrat 2026: करवा चौथ पर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए पूजा-पाठ के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं। पारंपरिक रूप से इस दौरान अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता। शाम को चंद्रमा के दर्शन, पूजा और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है। इसलिए अगर आप भी करवा चौथ पर निर्जला व्रत रख रही हैं, तो पहले से तैयारी करना और कुछ जरूरी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण हैं। आइए जानते हैं कौनसी हैं वो सावधानियां और चंद्रोदय का समय...
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 29 अक्टूबर, 2026 को 01:06 बजे।
चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर, 2026 को रात्रि 10:09 बजे।
करवा चौथ पूजा मुहूर्त: शाम 05:38 से 06:56 बजे तक।
करवा चौथ व्रत समय: सुबह 06:31 से रात्रि 08:17 बजे तक।
करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय: रात्रि 08:17 बजे।
व्रत से पहले सरगी में पौष्टिक चीजें खाएं
करवा चौथ पर पूरे दिन बिना अन्न और जल के रहने की परंपरा है। ऐसे में व्रत शुरू करने से पहले सरगी में पौष्टिक और संतुलित भोजन लेना जरूरी है। सरगी में फल, दूध, दही, सूखे मेवे और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल कर सकती हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ चुनें जो आपको पर्याप्त ऊर्जा दें और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करें।
व्रत से पहले बहुत ज्यादा तला-भुना, नमकीन या अत्यधिक मीठा भोजन करने से बचें। खासकर नमकीन चीजें प्यास बढ़ा सकती हैं। सरगी के समय पर्याप्त पानी पिएं, ताकि व्रत शुरू होने से पहले शरीर में पानी की कमी न हो।
शरीर में पानी की कमी के संकेतों को नजरअंदाज न करें
निर्जला व्रत के दौरान पानी नहीं पीने से डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसके कारण सिरदर्द, थकान, मुंह सूखना, चक्कर आना और कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए व्रत के दिन बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करने, धूप में देर तक रहने और कठिन व्यायाम करने से बचें।
यदि अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी जैसा महसूस होना, भ्रम, तेज धड़कन या लगातार चक्कर आने जैसी परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। स्वास्थ्य बिगड़ने पर व्रत जारी रखने के लिए खुद को मजबूर न करें।
गर्भवती महिलाएं और बीमारियों से पीड़ित लोग विशेष ध्यान रखें
हर व्यक्ति के शरीर की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं, मधुमेह, किडनी या हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों और नियमित दवाएं लेने वालों के लिए लंबे समय तक बिना पानी पिए रहना जोखिमभरा हो सकता है।
यदि आपको कोई बीमारी है या आप नियमित दवाएं लेती हैं, तो निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अपनी दवाओं का समय या खुराक स्वयं न बदलें। जरूरत पड़ने पर व्रत की विधि में बदलाव करना बेहतर है। धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य की रक्षा करना भी जरूरी है।
व्रत के दौरान आराम करें और अपनी दिनचर्या हल्की रखें
करवा चौथ के दिन पूजा, श्रृंगार और घर के कामों में काफी समय लग सकता है। निर्जला व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा कम महसूस हो सकती है, इसलिए पूरे दिन की योजना पहले से बना लें। जहां तक संभव हो, भारी काम करने से बचें और बीच-बीच में आराम करें। बहुत गर्म वातावरण में रहने से बचें।
चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलते समय जल्दबाजी न करें
करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है, लेकिन पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद अचानक बहुत ज्यादा भोजन करना या एकसाथ अत्यधिक पानी पीना परेशानी पैदा कर सकता है। व्रत खोलते समय धीरे-धीरे पानी पिएं और उसके बाद हल्का, आसानी से पचने वाला भोजन लें। भोजन की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं।

