अहमदाबाद से 3 नाबालिग इंदौर आए, कंडक्टर ले गया थाने, पुलिस ने सुरक्षित घर भेजा
अहमदाबाद से बस में सवार होकर 3 नाबालिग बच्चे इंदौर आ गए। वे जैसे ही बस से उतरकर भागने लगे तो कंडक्टर ने पकड़ा। बस यात्रियों से पूछताछ की तो किसी भी जानकारी नहीं दी। इस पर कंडक्टर ने बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया वे गलती से खाली बस देखकर उसमें बैठ गए थे।
बताया जा रहा है कि बाद में कंडक्टर ने सूझबूझ दिखाकर बच्चों को ऑटो रिक्शा से द्वारकापुरी थाने पहुंचाया। बताते हैं बच्चे अहमदाबाद के गीता मंदिर बस स्टैंड से बैठे थे। ये बस भाभर से चली थी। बच्चों में एक 9 साल का व दूसरा 5 साल का बालक और 5 साल की एक बालिका है। बालिका ने बताया, वह वाडीनाथ चौक अहमदाबाद के रहने वाले हैं। गुजरात के किसी गणेशगंज गांव जाने के लिए बस में बैठे थे, लेकिन बस से इंदौर तक आ गए। पुलिस व कंडक्टर की मदद से बच्चों को सुरक्षित रख उनके क्षेत्र के थानों में संपर्क कर जानकारियां भेजी हैं।
बताते हैं देर रात पुलिस ने तीनों बच्चों को परिजन के हवाले कर दिया है। वे उन्हें लेकर चले गए हैं। बच्चों ने अपने नाम आराधना, भारत और बाबू बताए। ये बच्चे बाड़ीनाथ चौक के रहने वाले हैं। ये गणेशगंज गांव जाने के लिए गलत बस में सवार हो गए। बाद में बच्चों को परिजन तक पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि बाद में कंडक्टर ने सूझबूझ दिखाकर बच्चों को ऑटो रिक्शा से द्वारकापुरी थाने पहुंचाया। बताते हैं बच्चे अहमदाबाद के गीता मंदिर बस स्टैंड से बैठे थे। ये बस भाभर से चली थी। बच्चों में एक 9 साल का व दूसरा 5 साल का बालक और 5 साल की एक बालिका है। बालिका ने बताया, वह वाडीनाथ चौक अहमदाबाद के रहने वाले हैं। गुजरात के किसी गणेशगंज गांव जाने के लिए बस में बैठे थे, लेकिन बस से इंदौर तक आ गए। पुलिस व कंडक्टर की मदद से बच्चों को सुरक्षित रख उनके क्षेत्र के थानों में संपर्क कर जानकारियां भेजी हैं।
बताते हैं देर रात पुलिस ने तीनों बच्चों को परिजन के हवाले कर दिया है। वे उन्हें लेकर चले गए हैं। बच्चों ने अपने नाम आराधना, भारत और बाबू बताए। ये बच्चे बाड़ीनाथ चौक के रहने वाले हैं। ये गणेशगंज गांव जाने के लिए गलत बस में सवार हो गए। बाद में बच्चों को परिजन तक पहुंचाया गया।
