सम्बंधित जानकारी
- जिम्मी मगिलिगन सेंटर में महिलाओं और छात्रों ने सिखा होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाना
- जनक दीदी द्वारा होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाने का प्रशिक्ष्ण सप्ताह शुरू
- दोस्ती से इंकार, लड़की को लगाया भिखारी के खून का इंजेक्शन
- इंदौर के द पार्क में इस बार रॉयल कुज़ीन ऑफ मालवा फूड फेस्टिवल का आयोजन
- इंदौर के इंडस्ट्री हाउस में भयावह आग, 3 घंटे तक इमारत में फंसे रहे 70 से ज्यादा लोग
जिम्मी मगिलिगन सेन्टर द्वारा आर्गेनिक होली रंग बनाने की कार्यशाला आयोजित
नेचुरल रंग और गुलाल बनाने के लिए कार्यशाला में युवा हुए शामिल
Organic Holi Colours
इस दल ने केंद्र पर सोलर कुकर से रंग बनते देखा और बहुत हैरान भी हुए। सत्र में वैद्य शेफाली सन्गल ने आयुर्वेद व स्वास्थ्य पर छात्रों को जानकारी दी तथा योग शिक्षक श्री सुधीन्द्र कमलापुर ने आसन, प्राणायाम मुद्रा व बन्ध का प्रशिक्षण व उपयोगिता बताई। प्रोफेसर रवि शर्मा व प्रोफेसर श्रद्धा महाजन ने जनक दीदी को बहुत आभार भी दिया और विश्वास दिलाया कि वह हमेशा सभी खुद भी नेचुरल रंग बना कर होली
खेलेंगे और दूसरो को भी सिखाएंगे।
इस होली आप भी आर्गेनिक रंग से अपनी हेल्थ और पर्यावरण को बचा सकते हैं। बाज़ार में मिलने वाले आर्टिफीसियल रंग आपकी त्वचा के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। इनमें कई प्रकार के केमिकल शामिल होते हैं जो पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके साथ ही कई गुलाल में बारीक शीशे भी होते हैं जिससे शरीर को काफी हानी हो सकती है। ऐसे में आप घर पर फूलों, फलों और अन्य प्राकृतिक चीज़ों से होली के रंग बना सकते हैं।
