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धर्म-संसार
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हरिद्वार कुंभ मेला 2021
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कुंभ इतिहास
कैसे प्रारंभ हुई शाही स्नान की परंपरा
Tuesday,March 9, 2021
समुद्र मंथन से नहीं कुंभ कथा जुड़ी है गरुड़ और इंद्र युद्ध से?
प्रत्येक 12 वर्ष में ही क्यों आता है कुंभ?
नागा साधुओं की उत्पत्ति का इतिहास
हरिद्वार कुंभ मेला 2021 : साधुओं के दशनामी संप्रदाय की स्थापना कैसी हुई, जानिए इतिहास
हरिद्वार में इस बार पूर्णकुंभ है महाकुंभ नहीं, जानिए कुंभ के प्रकार
Monday, January 25, 2021
हरिद्वार कुंभ मेला 2021 : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का इतिहास
Saturday, January 23, 2021
kumbh mela Haridwar 2021 : हरिद्वार कुंभ में संन्यासियों के बीच संघर्ष का इतिहास
Friday, January 22, 2021
कुंभ नगरी हरिद्वार का प्राचीन इतिहास
Friday, January 15, 2021
हरिद्वार कुंभ मेला, जानिए और किन नगरों में आयोजित होता है कुंभ मेला
Wednesday, January 13, 2021
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Dev diwali 2026 date: दीपावली के बाद देव दिवाली कब है, क्या करते हैं इस दिन, क्या है इसका महत्व
Dev diwali 2026: देव दिवाली का पर्व परंपरा से लोग देवउठनी एकादशी के दिन मनाते हैं लेकिन असल में यह कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन रहता है, क्योंकि देवताओं ने तारकासुर के वध के बाद इसी दिन गंगा के तट पर दीपावली का पर्व मनाकर खुशियों मनाई थी। इस दिन नदी के तट पर दीपदान करने से कभी अकाल मृत्यु नहीं होती है और सभी तरह के संकट कट जाते हैं। इस पर यह पर्व 24 नवंबर 2026 मंगलवार के दिन मनाया जाएगा।
12 साल बाद गुरु का सिंह राशि में महागोचर बदलेगा 12 राशियों की किस्मत? जानिए अपना राशिफल
Jupiter Transit 2026: 31 अक्टूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे इस राशि में 25 जनवरी 2027 तक विराजमान रहेंगे और इसके बाद पुनः वक्री गति के कारण कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस समयावधि के दौरान गुरु ग्रह 13 दिसंबर 2026 से 13 अप्रैल 2027 तक वक्री अवस्था में रहेंगे। 25 जनवरी को कर्क राशि में लौटने के बाद, वे 13 अप्रैल 2027 को मार्गी होंगे और 26 जून को एक बार फिर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहाँ वे 26 नवंबर 2027 तक बने रहेंगे।
नासिक में 31 अक्टूबर से कुंभ मेले सिंहस्थ का होगा शुभारंभ, जानिए क्या रहेगा खास, कर लें होटल की अभी से बुकिंग
kumbh mela nashik in 2027: बृहस्पति जब कर्क से निकलकर सिंह नक्षत्र में गोचर करता है तो नासिक में सिंहस्थ का आयोजन होता है। 12 वर्षों के बाद यह संयोग बनता है। 31 अक्टूबर 2026 को बृहस्पति ग्रह सिंह राशि में गोचर करेंगे। इसलिए नासिक में कुंभ का शुभारंभ तो कर दिया जाएगा लेकिन विधिवत रूप से कुंभ मेले का आयोजन बृहस्पति पुन: सिंह राशि में 26 जून को गोचर करेंगे इस बीच 25 जनवरी को बृहस्पति वक्री होकर पुन: कर्क में गोचर करेगा जहां वह 26 जून तक रहेगा। नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ मेला वर्ष 2015-16 में आयोजित किया गया था।
Annual Numerology 2027 : मूलांक 2 के लिए खास रहेगा नया साल, जानें पूरे वर्ष का भविष्यफल
अंकशास्त्र में मूलांक 2 का संबंध चंद्रमा से माना जाता है, जो संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता, अंतर्ज्ञान, भावनात्मक समझ और पारस्परिक संबंधों का प्रतीक है। वर्ष 2027 की 11/2 प्रवृत्ति मूलांक 2 के स्वभाव से सामंजस्य रखती है। ऐसे में यह वर्ष आत्ममंथन, संबंधों की गहराई समझने और अपनी क्षमताओं को सही दिशा देने का अवसर बन सकता है। भावनात्मक संवेदनशीलता आपकी विशेषता रहेगी, लेकिन निर्णय लेते समय व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना भी आवश्यक होगा। आर्थिक मामलों में नियमितता और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयारी महत्वपूर्ण रहेगी। आय के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन भावनात्मक दबाव में खरीदारी करना या परिचितों की बातों पर बिना जांच निवेश करना उचित नहीं होगा।
30 October Birthday: आपको 30 अक्टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
30 October Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 30 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी :
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Aaj Ka Rashifal: आज 30 अक्टूबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल
Today 30 October horoscope in Hindi : आज 30 अक्टूबर, 2026, शुक्रवार का दिन क्या लाया है मेष से लेकर मीन राशि के लिए, यहां जानें डेली होरोस्कोप के अनुसार वेबदुनिया पर दैनिक राशिफल के बारे में एकदम सटीक जानकारी...
अंक भविष्यफल 2027 : मूलांक 1 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जानें करियर, धन और रिश्तों का हाल
अंकशास्त्रीय दृष्टि से मूलांक 1 का प्रतिनिधित्व सूर्य करता है, जो नेतृत्व, आत्मविश्वास, महत्वाकांक्षा, मौलिकता और निर्णय क्षमता का प्रतीक है। वर्ष 2027 का योग 11/2 बनता है, जिसे अंकशास्त्र की अनेक पद्धतियों में मास्टर अंक के रूप में देखा जाता है। इसका एकल अंक 2 है, जो सहयोग, संवेदनशीलता, कूटनीति, धैर्य और पारस्परिक संबंधों से जुड़ा है। सूर्य प्रधान मूलांक 1 और वर्ष की 11/2 की संयुक्त प्रवृत्ति यह संकेत देती है कि इस वर्ष सफलता के लिए व्यक्तिगत क्षमता के साथ सामूहिक सहयोग को भी समान महत्व देना होगा। वर्ष 2027 में कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, जिम्मेदारियों का विस्तार करने और नेतृत्वकारी भूमिका में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं।
धनतेरस पर क्या खरीदना माना जाता है शुभ? जानें 8 चीजों का धार्मिक महत्व
Dhanteras 2026: दीपावली से पहले आने वाला धनतेरस का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली का वातावरण बनता है। यही वजह है कि इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन, झाड़ू और अन्य घरेलू वस्तुएं खरीदना शुभ मानते हैं। आइए जानते हैं धनतेरस पर कौनसी 8 चीजें खरीदना शुभ माना जाता है और इनके पीछे क्या है धार्मिक महत्व...
01 नवंबर को महासंयोग: दिवाली से पहले रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना दिलाएगा धन-समृद्धि?
Pushya Nakshatra 2026: वर्ष 2026 में 06 नवंबर को त्रयोदशी तिथि, प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का अद्भुत संयोग बनने से धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले पुष्य नक्षत्र का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इस बार 01 नवंबर 2026 (रविवार) को पुष्य नक्षत्र पड़ने के कारण अति दुर्लभ और महाफलदायी 'रवि पुष्य योग' का निर्माण हो रहा है। इस दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना अक्षय फल प्रदान करता है।
शुक्र का स्वयं की राशि में उदय, इन 7 राशियों को मिलेगा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद, हो जाएंगे मालामाल
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से शुक्र देव का अपनी ही राशि तुला में उदित होना एक अत्यंत शुभ और बड़ा ग्रह परिवर्तन है। तुला राशि में शुक्र का गोचर 'मालव्य राजयोग' और शक्तिशाली 'धन योग' का निर्माण करता है, जो जातकों को सुख, संपत्ति, ऐश्वर्य और अपार समृद्धि प्रदान करता है। 29 अक्टूबर 2026 की सुबह 09:41 बजे शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में उदित हो चुके हैं। इस उदित अवस्था से विशेष रूप से 7 राशियों के जातकों पर मां लक्ष्मी की असीम कृपा बरसने वाली है और वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर मालामाल हो सकते हैं। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं।
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