साबरमती रेलवे स्टेशन का हुआ कायाकल्प: गृह मंत्री अमित शाह ने दी 1,472 करोड़ की सौगात
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन पर 1,472 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की विभिन्न रेलवे विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और खातमुहूर्त किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि नई सुविधाएं शुरू होने से साबरमती मंडल के तहत रेल यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का लाभ मिलेगा।
अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि अतीत में इस स्टेशन से ऑटो-रिक्शा पकड़ने के लिए 2 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था, लेकिन आज इस रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो चुका है। अब इस स्टेशन से यात्री आसानी से मेट्रो, एस.टी. स्टैंड और बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी तक पहुंच सकेंगे। इस बदलाव और आधुनिक सुविधाओं को लाने के लिए उन्होंने रेलवे विभाग और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष आभार व्यक्त किया।
મોદી સરકારમાં રેલ નેટવર્કનું વિસ્તરણ અને આધુનિકીકરણ તો થઈ જ રહ્યું છે, સાથે જ ભારતીય રેલ આત્મનિર્ભરતાની દિશામાં પણ ઝડપથી આગળ વધી રહી છે.
— Amit Shah (@AmitShah) September 27, 2026
આજે સાબરમતી રેલવે સ્ટેશન ખાતે WAG-12 લોકોમોટિવ મેન્ટેનન્સ શેડનું ઉદ્ઘાટન કર્યું, સાબરમતી-કલોલ તથા સાબરમતી-સાણંદ રેલખંડ પર સ્વચાલિત સિગ્નલિંગ… pic.twitter.com/wak0bPd3Hw
वर्ष 2014 के बाद रेलवे में आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद भारतीय रेलवे में आए क्रांतिकारी बदलावों पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश में गुड्स ट्रांसपोर्ट (माल ढुलाई) के लिए रेलवे ट्रैक की क्षमता बढ़ाने पर तेजी से काम हो रहा है और आगामी 2040 तक इस क्षमता को दोगुना कर दिया जाएगा। इसके साथ ही आने वाले दिनों में 11,000 किलोमीटर के रेलवे रूट को 4 लेन में परिवर्तित किया जाएगा। रेलवे के आधुनिकीकरण, नई तकनीक के उपयोग और बायो-टॉयलेट सहित विभिन्न सुविधाओं से रेल यात्रा अधिक सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनी है।
कांग्रेस शासन पर प्रहार, ईंधन की बचत और आय में वृद्धि
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने दावा किया कि अतीत में रेलवे के विकास के मामले में गुजरात को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। 2014 से पहले देश में केवल एक ही परिवार का शासन था, जबकि अब जनता की सरकार काम कर रही है। रेलवे के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि रेलवे में 97% बायो-टॉयलेट 2014 के बाद बने हैं और रेलवे का 70% विद्युतीकरण (Electrification) प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में पूरा हुआ है, जिससे रेलवे की आय में 67% की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, 2014 में रेलवे द्वारा प्रति वर्ष 15,293 करोड़ लीटर डीजल का उपयोग किया जाता था, जो घटकर 2024-2025 में मात्र 108 करोड़ लीटर रह गया है और 2040 तक डीजल का उपयोग पूरी तरह से बंद करने का लक्ष्य रखा गया है।
गुजरात के लिए रेलवे बजट 17,000 करोड़
आज की तारीख में देश में 99.6% रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण (Electrification) पूरा हो चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात में रेलवे के विकास पर वक्तव्य देते हुए कहा कि, वर्ष 2014 से पहले गुजरात को रेलवे बजट के रूप में प्रति वर्ष केवल 500 करोड़ ही मिलते थे, जिसके कारण अतीत में गुजरात को भारी नुकसान सहना पड़ता था। इसकी तुलना में आज अकेले गुजरात राज्य के लिए ही 17,000 रुपए करोड़ का रेलवे बजट आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि रेलवे के इस अभूतपूर्व विकास और आधुनिकीकरण के बल पर देश वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

