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200 घंटों में 300 बैठकें, जानिए G20 समिट में कैसे बनी यूक्रेन पर आम सहमति?
G20 Summit : भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने रविवार को कहा कि यहां लीडर्स समिट में अपनाए गए जी20 डिक्लेरेशन पर आम सहमति बनाने के लिए भारतीय राजनयिकों के एक दल ने 200 घंटे से भी अधिक समय तक लगातार बातचीत की।
संयुक्त सचिव ई गंभीर और के नागराज नायडू समेत राजनयिकों के एक दल ने 300 द्विपक्षीय बैठकें कीं और जी20 लीडर्स समिट के पहले दिन ही सर्वसम्मति बनाने के लिए विवादास्पद यूक्रेन संघर्ष पर अपने समकक्षों को 15 मसौदे वितरित किए।
कांत ने कहा कि पूरे जी20 शिखर सम्मेलन का सबसे जटिल हिस्सा भूराजनीतिक पैराग्राफ (रूस-यूक्रेन) पर आम सहमति बनाना था। यह 200 घंटे से अधिक समय तक लगातार बातचीत, 300 द्विपक्षीय बैठकों, 15 मसौदों के साथ किया गया। इस प्रयास में नायडू और गंभीर ने उनका काफी सहयोग किया।With my young, dynamic & committed team of officers who have delivered 100% consensus on the G20 #NewDelhiLeadersDeclaration.
— Amitabh Kant (@amitabhk87) September 9, 2023
Abhay Thakur, @NagNaidu08, @ashishifs and @eenamg
Outstanding work! All credit to them! pic.twitter.com/PsvsfLCeeh
भारत इस विवादित मुद्दे पर जी20 देशों के बीच अभूतपूर्व आम सहमति बनाने में कामयाब रहा और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं जैसे कि ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाई।
जी20 लीडर्स डिक्लेरेशन में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण का उल्लेख करने से बचा गया और इसके बजाय सभी देशों से एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता एवं संप्रभुत्ता के सिद्धांतों का सम्मान करने का आह्वान किया गया।
घोषणापत्र में कहा गया है, 'हम सभी देशों से क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून एवं शांति तथा स्थिरता की रक्षा करने वाली बहुपक्षीय प्रणाली सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को बनाए रखने का आह्वान करते हैं।'
