सम्बंधित जानकारी
- UP : क्या ऐसे हारेगा कोरोना? 'आस्था के समुद्र' में भीड़ की डुबकी, डराने वाला मंजर, न मास्क, न सोशल डिस्टेंसिंग
- Corona टीकाकरण को लेकर मनीष सिसोदिया ने केंद्र पर लगाया यह आरोप, मंत्री हर्षवर्धन को लिखा पत्र...
- उत्तराखंड : 3 दिनों में परिवार के 3 सदस्य मौत के आगोश में, पढ़िए कोरोना से उजड़े परिवारों की दास्तान
- महामारी से मुक्ति दिलाएंगी 'कोरोना देवी', लोगों ने मंदिर में की 'विशेष पूजा'
- राजस्थान में Corona के 4414 नए मामले, 103 लोगों की मौत
Baba Ramdev VS IMA : बाबा रामदेव ने दागे 25 सवाल, पूछा- एलोपैथी में हिंसक, क्रूर और हैवानियत दूर कर इंसान बनाने वाली दवा है क्या?
नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। योग गुरु रामदेव ने एलोपैथिक दवाओं पर अपने हालिया बयान को वापस लेने के लिए मजबूर किए जाने के बाद सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से 25 सवाल पूछे।
बाबा ने इस सवालों में एक सवाल पूछा कि आदमी बहुत हिंसक, क्रूर और हैवानियत कर रहा है, उसे इंसान बनाने वाली ऐलोपैथी में कोई दवा बताएं। बिना सर्जरी के बैरियाट्रिक सर्जरी और लाइपोसेक्शन के, बिना किसी छेड़छाड़ के, दवाई खाएं और वजन घट जाएं, क्या फार्मा इंडस्ट्री में ऐसी कोई दवाई है?
सोरायसिस, सोरायटिक अर्थरायटिस और सफेद दाग का कोई निर्दोष स्थायी समाधान बताएं। एलोपैथी के पास पार्किंसन का निर्दोष स्थायी समाधान क्या है?
साइड इफेक्ट रहित कब्ज, गैस, एसीडिटी का फार्मा इंडस्ट्री के पास इसका स्थायी समाधान क्या है? अनिद्रा, लोगों को नींद नहीं आती है, क्योंकि आपकी दवा 4-6 घंटे ही असर करती हैं, वह भी साइड इफेक्ट के साथ, एलोपैथी में इसका कोई स्थायी समाधान दें?
बिना साइड इफेक्ट के हिमोग्लोबिन बढ़ाने का निर्दोष तरीका बता दें। आदमी के सारे ड्रग्स एडिक्शन, नशा छूट जाएं ऐसी कोई दवा बता दें। फार्मा डस्ट्री में कोरोना मरीजों को बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के ऑक्सीजन बढ़ाने का कोई उपाय बताएं?
रामदेव ने आईएमए से जानना चाहा कि क्या एलोपैथी उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों से स्थाई राहत देती है? टि्वटर पर खुला पत्र जारी करते हुए रामदेव ने आईएमए से उनके 25 सवालों का जवाब देने को कहा।
आईएमए ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो पर आपत्ति जताई थी, जिसमें रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथी 'बकवास विज्ञान' है और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू तथा ऐसी अन्य दवाएं कोविड-19 मरीजों का इलाज करने में असफल रही हैं।
मैं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व फार्मा कंपनियों से विनम्रता के साथ सीधे 25 सवाल पूछता हूँ- pic.twitter.com/ATVKlDc9tl
— स्वामी रामदेव (@yogrishiramdev) May 24, 2021
आईएमए ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो पर आपत्ति जताई थी, जिसमें रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथी 'बकवास विज्ञान' है और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू तथा ऐसी अन्य दवाएं कोविड-19 मरीजों का इलाज करने में असफल रही हैं।
रामदेव ने यह भी पूछा कि क्या दवा उद्योग के पास थायराइड, गठिया, अस्थमा और कोलाइटिस जैसी बीमारियों का स्थाई उपचार उपलब्ध है? उन्होंने पूछा कि क्या एलोपैथी में फैटी लीवर (बढ़ा हुआ यकृत) और लीवर सिरोसिस की दवाएं हैं?
उन्होंने सवाल किया, जिस प्रकार आपने टीबी और चेचक का इलाज ढूंढ लिया है, उसी तरह लीवर की बीमारियों का भी इलाज ढूंढें। आखिरकार, एलोपैथी अब 200 साल पुरानी है। योग गुरु ने यह भी जानना चाहा कि क्या इस चिकित्सा पद्धति में दिल की रुकावट संबंधी परेशानियों का कोई गैर सर्जरी उपचार उपलब्ध है? उन्होंने कहा, कोलेस्ट्रॉल का क्या इलाज है?
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एलोपैथी के बारे में दिए गए योग गुरु रामदेव के बयान को रविवार को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए उन्हें इसे वापस लेने को कहा था, जिसके बाद रामदेव ने बयान वापस ले लिया था।
बयान वाला वीडियो हुआ वायरल : बाबा रामदेव का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें वे डॉक्टरी पढ़ाई और डॉक्टरों को लेकर बयान दे रहे हैं।1) Ramdev says more than 1000 doctors have died in India after taking 2nd dose of vaccination. Is this true @drharshvardhan? If so, why has this not been made public.
— Gaurav Pandhi (@GauravPandhi) May 24, 2021
On what basis he is calling himself a doctor who can treat Covid19?
pic.twitter.com/x0hWRhOYOR#ArrestThugRamdev
डेयरी कारोबार प्रमुख की मौत : योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के डेयरी कारोबार के प्रमुख सुनील बंसल की कोविड-19 से मौत हो गयी। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उसकी बंसल के "ऐलोपैथिक इलाज में कोई भूमिका नहीं थी। बंसल पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के डेयरी विभाग के वाइस प्रेजीडेंट थे। उनकी 19 मई को मौत हो गयी। उनकी उम्र 57 साल थी।
डेयरी विज्ञान के विशेषज्ञ बंसल ने जनवरी 2018 में पतंजलि के डेयरी विभाग का जिम्मा संभाला था। पतंजलि ने उस समय गाय के डिब्बाबंद दूध और दही, छाछ एवं चीज सहित दूसरे दुग्ध आधारित उत्पाद बेचने की अपनी योजना की घोषणा की थी।
हरिद्वार की कंपनी ने एक बयान में कहा कि "कोविड-19 की वजह से जयपुर के राजस्थान हॉस्पिटल में 19 मई को उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी राजस्थान सरकार में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी हैं।
पतंजलि ने कहा कि पतंजलि की उनकी ऐलोपैथिक इलाज में कोई भूमिका नहीं थी, उनके इलाज का अधिकतर समन्वय उनकी पत्नी ने किया था। हालांकि हम उन्हें लेकर चिंतित थे और उनकी पत्नी से उनकी स्थिति की जानकारी ले रहे थे।
