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लता मंगेशकर : भारत की आवाज़

लता मंगेशकर
ब्रह्माण्ड में लता जितनी आवाज शायद ही किसी की गूंजी होगी। यह आवाज आने वाले वर्षों में भी गूंजती रहेगी। वर्षों तक लता ने गाया। हजारों गाने गाए। तकनीक बदलती रही। रेकॉर्ड से कैसेट्स आईं। फिर सीडी और डीवीडी के जमाने आए। अब पैन ड्राइव या इंटरनेट पर गानों का खज़ाना मौजूद है, लेकिन सबकी पसंद की आवाज वही रही। लता के गीतों पर समय की धुंध का कोई असर नहीं रहा। माध्यम बदलते रहे, लेकिन सभी ने लता की आवाज को सुनना पसंद किया। 
 
यदि हम भारत को एक शरीर माने जिसकी आंखें, कान, हाथ, पैर हैं। तो उसकी आवाज हम लता मंगेशकर की मान सकते हैं। बेहिचक लता को भारत की आवाज कहा जा सकता है। लता ने अपनी आवाज से न जाने कितने लोगों को सुकून पहुंचाया है। 
 
कई लोग जो दर्द के मारे हैं, लता की आवाज ने मरहम बन उन्हें राहत दी। टूटे हुए दिलों को लता के गीत से संबल मिला। जो लोग जिंदगी से हार गए उन्हें लता की मखमली आवाज़ से जीने का सहारा मिला। उनमें आत्मविश्वास जागा। संघर्ष करने का माद्दा मिला। 
 
लता की लोरियां सुन कर सुकुन भरी नींद के आगोश में न जाने कितने लोग चले गए। लता के गानों से प्रेमियों ने अपने दिल का हाल बयां किया। लता के देशभक्ति के तराने सुन कर लोगों में जोश उमड़ पड़ा। शहीदों को याद कर आंखों में आंसू आ गए। 
 
लता के नगमों ने इतने सारे लोगों पर इतने प्रकार से जादुई प्रभाव किया है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिसे किसी पैमाने से मापा नहीं जा सकता। 
 
लता की आवाज ने डॉक्टर का काम किया है, लोगों में जोश बढ़ाया है, जीने की राह दिखाई है, खुशियां दी है और आगे बढ़ने का जज्बा पैदा किया है। 
 
एक गीत को बनाने में कई लोगों का योगदान रहता है। गीतकार लिखता है। संगीतकार धुनों में पिरोता है। निर्देशक फिल्माता है। कलाकार अभिनय करते हैं। लेकिन गीत में लता की मिश्री सी आवाज के घुलते ही वो ऊंचाइयां ले लेता है। 
 
फिल्मी गीतों का आप खज़ाना खंगालेंगे तो ऐसे कई गीत आपको मिल जाएंगे जो लता की जादुई आवाज के स्पर्श से अमर गीत बन गए। जिन्हें बार-बार सुन कर भी मन नहीं भरता। हर बार जब गीत सुनते हैं तो नया जान पड़ता है। 
 
हर बार लता की आवाज़ की नई बारीकियां पता चलती हैं। लता ने उस गीत में इतना कुछ डाल दिया है जिन्हें समझने की हममें योग्यता नहीं है। हर कोई अपने हिसाब से महसूस कर लेता है। 
 
भले ही आप संगीत की समझ नहीं रखते हों, लेकिन लता के गानों को सुनने के दौरान जो भाव उमड़ते हैं उन्हें महसूस कर समझ आ जाता है कि यह लता की आवाज का ही कमाल है। 

लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर (Samay Tamrakar) एंटरटेनमेंट एडिटर एवं फिल्म समीक्षक | वेबदुनिया (Webdunia)   परिचय समय ताम्रकर हिंदी सिनेमा की गहरी समझ रखने वाले एक अनुभवी संपादक और फिल्म समीक्षक हैं। पिछले 19 वर्षों से 'वेबदुनिया' की संपादकीय टीम के अभिन्न अंग के रूप में, उन्होंने सिने पत्रकारिता में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।.... और पढ़ें
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