भविष्य मालिका: क्या चीन करेगा भारत पर हमला और बदल जाएगा दुनिया का भविष्य?
भारत की और चीन के बीच सीमा विवाद समय समय पर झड़प का रूप लेता रहा है। अब तक एक बड़े युद्ध के बाद कम से कम 6 बार बड़ी झड़प हो चुकी है जिसके चलते देश और दुनिया में इस ओर ध्यान गया है। वर्तमान में एक ओर जहां यूक्रेन-रशिया और अमेरिका-ईरान में युद्ध चल रहा है तो दूसरी ओर भारत के खिलाफ पाकिस्तान मुस्लिम राष्ट्रों का गठबंधन बना रहा है, वहीं हाल ही में भारत पाकिस्तान के बीच पहलगाम हमले के बाद जो कुछ दिनों का युद्ध हुआ था, उसमें पाकिस्नान ने चीन और अमेरिका के लड़ाकू विमान और हथियारों का का उपयोग किया था। दोनों ही देश खुलकर पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। ऐसे में अब खबर यह भी है कि भारत को घेरने के लिए चीन अलग अलग मोर्चों पर अपनी सेना तैनात कर चुका है। चलिए जानते हैं ज्योतिष की भविष्यवाणी और भविष्य मालिका में इस संबंध में क्या लिखा है।
भविष्यवाणी के दावे: सोशल मीडिया और विभिन्न ज्योतिषीय या पारंपरिक भविष्यवाणियों (जैसे नास्त्रेदमस या भविष्य मालिका के संदर्भ) में समय-समय पर 2026-2027 के दौरान वैश्विक तनाव या सीमाई संघर्ष की आशंकाएं व्यक्त की जाती हैं, लेकिन सामरिक और भू-राजनीतिक स्तर पर इन्हें कोई आधिकारिक प्रमाणिकता प्राप्त नहीं है।
भारत और चीन के बीच 1 बड़ा युद्ध और सीमा पर 6 प्रमुख सैन्य झड़पें हो चुकी हैं:-
- 1962 का युद्ध: दोनों देशों के बीच एकमात्र पूर्ण युद्ध।
- 1967 (नाथू ला और चो ला, सिक्किम): भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया था।
- 1975 (तुलुंग ला, अरुणाचल प्रदेश): चीनी हमले में भारत के 4 जवान शहीद हुए थे।
- 1987 (सुमदोरोंग चू, अरुणाचल प्रदेश): सीमा पर बड़ा सैन्य आमना-सामना हुआ, जिसे बातचीत से सुलझाया गया।
- 2017 (डोकलाम गतिरोध): त्रिजंक्शन पर 73 दिनों तक दोनों सेनाएं आमने-सामने डटी रहीं।
- 2020 (गलवान घाटी, लद्दाख): हिंसक आमने-सामने की लड़ाई, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। (इसके बाद 2022 में अरुणाचल के तवांग में भी एक छोटी झड़प हुई थी)
- 2026 अरुणाचय में गश्त को लेकर तनाव: हाल ही में अरुणाचल प्रदेश से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तल्खी एक बार फिर बढ़ गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सीमा के कई अलग-अलग प्वॉइंट्स पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधा टकराव हुआ है। यह तनावपूर्ण स्थिति केवल एक जगह तक सीमित नहीं है, बल्कि कई रणनीतिक ठिकानों पर अब भी जारी है।
रक्षा और रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुमान (RUSI रिपोर्ट)
समयसीमा: रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (RUSI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और चीन के बीच दूसरा संघर्ष 2025 से 2030 के बीच पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हो सकता है।
मुख्य कारण: चीन की ऊर्जा सुरक्षा, पाकिस्तान के रास्ते चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) और काशगर पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर बीजिंग की चिंताएं इस तनाव को बढ़ा सकती हैं।
पूर्व सेना प्रमुख का मत: भारत के पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अनुसार, चीन का मुख्य ध्यान वर्तमान में ताइवान पर है और जब तक भारत की ओर से CPEC, PoK (पाक अधिकृत कश्मीर) या तिब्बत के मोर्चे पर खतरा महसूस न हो, तब तक चीन भारत के साथ नए सिरे से सीधे युद्ध से बचेगा।
क्या करते हैं ज्योतिष के ग्रह गोचर:
संवत्सर का फल: कालयुक्त सिद्धार्थ संवत्सर 19 मार्च 2026 तक रहा इसके पूर्व वर्ष 2025 में भारत और पाकिस्तान का एक युद्ध हो चुका हो चुका है जिसमें भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। 19 मार्च 2026 से विक्रम संवत 2083 में रौद्र नामक संवत्सर चल रहा है जो 07 अप्रैल 2027 तक रहेगा। पूर्व के दोनों ही संवत्सरों में भारत के लिए घटना दुर्घटना और हिंसक आंदोलन का समय रहा है और अभी जो रौद्र संवत्सर चल रहा है इसमें 07 अप्रैल 2027 का समय भारत के लिए ठीक नहीं है। अभी 07 अप्रैल 2027 तक भारत का पाकिस्तान के साथ एक और संघर्ष होने की आशंका जताई जा रही है। 7 अप्रैल 2027 के बाद से दुर्मति नामक संवत्सर प्रारंभ होगा।
संभवत इसी या अगले संवत्सर में भारत एक बड़े युद्ध को छेड़ सकता है और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि 28 दिसंबर 2027 भारत पर कोई बड़ी विपत्ति आ सकती है। भारत को आंतरिक मोर्चे पर एक बड़ी साजिश का शिकार भी होना पड़ सकता है क्योंकि अगले वर्ष दुर्मति संवत्सर प्रारंभ होगा। अधिकतर ज्योतिषियों का मानना है कि मई 2027 से लेकर जुलाई 2028 तक गुरु की चतुर्थ भाव में गति के चलते भारत की सीमाओं में बड़े पैमाने पर बदलाव होंगे।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है जो सितंबर 2028 तक रहेगी। नरेंद्र मोदी की कुंडली में मंगल की महादशा के अंतर्गत तृतीय और चतुर्थ भाव के कारक शनि की अंतर्दशा चल रही है जो पंचम भाव में राहु के साथ गोचर कर रहे हैं। इससे ज्ञात होता है कि निकट भविष्य में पीएम मोदी सोच समझकर और धैर्यपूर्वक कोई बड़ा निर्णय लेने वाले हैं। दूसरी ओर भारत की कुंडली में भी मंगल की महादशा चल रही है जो 31 मार्च 2025 से प्रारंभ हुई थी। यह दशा 2032 तक रहेगी। इस दशा के चलते भारत को चुनौतियों का तो सामना करना पड़ेगा लेकिन अंतत: जीत उसी की होगी। हालांकि वैश्विक मंच पर कई देशों के समझौते के बीच ही कोई ऐसा बड़ा समझौता होगा जो विश्व राजनीतिक पर गहरा असर डालेगा। यह समझौता कई देशों के लिए आफत साबित हो सकता है।
शनि की दशा का फल:
शनि का न्याय 2020 से शुरू हुआ वैश्विक बदलाव का यह सिलसिला 2026 में अपने सबसे कठिन दौर में पहुँच गया है। शनि का मीन राशि में होना पुराने ढांचों को गिराने का काम करेगा। यह कालखंड विनाशकारी भले ही लगे, लेकिन यह एक नई व्यवस्था के सृजन की नींव भी बनेगा। 2028-29 तक शनि जब मेष में रहेगा तो युद्ध के नए मोर्चे खोल देगा। शनि की यह गति दुनिया को एक बिल्कुल नए भविष्य की ओर ढकेल देगी। यह गए एक नए सांचे में ढाल देगी, जहाँ पुराने गठबंधनों का अंत होगा और नई वैश्विक शक्तियों का उदय होगा। चीन और अमेरिका की शक्तियां कमजोर हो जाएगी क्योंकि शनि सिर्फ सच का साथ देगा।
चीन से युद्ध को लेकर क्या कहती है भविष्य मालिका:
भविष्य मालिका के नाम पर वर्तमान में कई लोगों द्वारा ग्रंथ लिखे गए हैं और उनमें से एक है भविष्य मालिका पुराण। इसके लेखक है कथावाचक पंडित काशीनाथ मिश्र जी। इन्हीं की लिखी अनुदित किताब की भविष्यवाणियां ज्यादा वायरल हो रही है।
एही भारत रे संगे
पाकिस्तान टी लडीब रंगे।
महासमर करीब जाणिथा देंगे
उड़ि जे चीन सैन्य तुरुकि ईरान जाण ब्रिटिश जे।
अमेरिका पाकिस्तान कु देवे बल अस्त्र शस्त्र अबर।
जोगाई देबे युद्ध लागिब आबर।।- भविष्य मालिका पुराण
अर्थ- पाकिस्तान और चीन मिलकर भारत के साथ युद्ध करेंगे। पाकिस्तान को तुर्की, ईरान, ब्रिटिश, अमेरिका और 13 मुस्लिम देशों की तरफ से अस्त्र, शस्त्र सैन्य,अर्थ सब प्रकार का सहयोग मिलेगा।
एहा देखिबे रुसिया असि होइब ठिया।
भारत समर क्षेत्रे सेहि कुटिया।
अस्त्र शस्त्र सैन्य जोगाई देब जाण।
भारत सहित मिसि करिब रण।- भविष्य मालिका पुराण
अर्थ- जिस समय तृतीय विश्व युद्ध होगा एक तरफ से भारत रहेगा दूसरी तरफ से चीन, पाकिस्तान, तुर्की, अमेरिका, ईरान, और 13 मुस्लिम देश लड़ रहे होंगे। उसी समय रूस भारत को सहयोग करेगा। रूस और भारत मिलकर शत्रु देश के सैनिकों के साथ डटकर लड़ेगा।
जब गगन गादी पर होंगे और उड़ीसा के दिव्य सिंह राजा गादी पर होंगे तब भारत पर आक्रमण होगा। 13 मुस्लिम देश चीन के साथ मिलकर आक्रमण करेंगे। तीसरा विश्वयुद्ध 6 साल 6 माह तक चलेगा। आखिरी के 13 माह भारत युद्ध में शामिल होगा और यह भारत की लड़ाई होगी। भारत की इसमें विजय होगी। भारत सदा के लिए अपने दुश्मनों को न सिर्फ खत्म कर देगा बल्कि उन देशों का भूगोल भी बदल देगा। शनि मीन योग में एक संत के हाथों में होगी देश की बागडोर जो अविवाहित होगा। वही संपूर्ण क्षत्रप होगा। उसमें विश्व का नेतृत्व करने की अद्भुत क्षमता होगी और वह धर्म के सहारे शांति स्थापित कर पाएगा।
डिस्क्लेमर: उपरोक्त जानकारी विभिन्न स्रोत पर आधारित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। इसका सोर्स भविष्यमालिका.कॉम नामक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

