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अनंत कुमार की पत्नी को नहीं, बीजेपी ने तेजस्वी सूर्या को बेंगलुरु से बनाया प्रत्याशी
- इमरान कुरैशी (बेंगलुरु से)
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संभवतः अपने सबसे युवा उम्मीदवार तेजस्वी सूर्या को बेंगलुरु साउथ संसदीय सीट से मैदान में उतारा है। बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री एचएन अनंत कुमार छह बार यहाँ से सांसद रहे थे जिनका पिछले वर्ष देहांत हो गया।
पेशे से वकील सूर्या महज 28 साल के हैं। लेकिन बेंगलुरु साउथ में बीजेपी कार्यकर्ताओं को सिर्फ सूर्या की उम्र ने ही अचरज में नहीं डाला। सच्चाई ये है कि सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने पहचाने चेहरे तेजस्विनी अनंत कुमार का टिकट कट जाना, पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़े झटके जैसा है।
बीजेपी के बेंगलुरु ज़िला कमेटी अध्यक्ष सदाशिव पीएन ने बीबीसी से कहा, "ये सच है कि प्रदेश इकाई ने यहां के लिए सिर्फ तेजस्विनी अनंत कुमार का नाम भेजा था लेकिन हमारे पार्टी हाई कमान ने सूर्या को चुना।"
संघ और बीजेपी से जुड़ाव
बीजेपी प्रवक्ता एन. रवि कुमार कहते हैं, "उन्हें इसलिए चुना गया क्योंकि वो युवा हैं, बहुत सक्रिय रहते हैं और बढ़िया वक्ता हैं। उन्हें चुने जाने के पीछे वो फैसला भी एक कारण है जिसके तहत सभी राज्यों में अधिक से अधिक युवा लोगों को टिकट देने का निर्णय हुआ था।" सूर्या राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में रहे हैं और इस समय बीजेपी के युवा मोर्चे के जनरल सेक्रेटरी हैं। सूर्या के चाचा रवि सुब्रमान्या बासावानागुड़ी से बीजेपी एमएलए हैं।
तेजस्विनी अनंत कुमार ने स्वीकार किया कि इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओं में थोड़ा बहुत असंतोष हो सकता है, लेकिन सभी को ये समझने की ज़रूरत है कि ये पार्टी नेताओं का निर्णय है। उन्होंने कहा, "हमेशा ही उनके (उनके पति) लिए देश पहले नंबर था। और मोदीजी का सत्ता में दोबारा आना बेहद ज़रूरी है।" तेजस्विनी केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार की पत्नी हैं। शायद इसलिए अनंत कुमार के समर्थक इस फैसले से नाख़ुश नज़र आ रहे हैं।
All anti-India forces have united to stop Modi. While Modi's agenda is building a new & robust India, their agenda is to stop him. They have no positive agenda.
— Chowkidar Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) March 22, 2019
If you are with Modi, you are with India. If you are not with Modi, then you are strengthening anti-India forces. pic.twitter.com/k0mXzqItrG
कट्टर राष्ट्रवादी छवि
नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर एक नेता ने कहा, "तेजस्विनी के टिकट के लिए सबकुछ तय हो गया था। यहां तक कि बीएस येदियुरप्पा ने अनंत कुमार के साथ अपनी दोस्ती के कारण उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था।"
रवि कुमार ने कहा, "हां, ये सही है कि आरएसएस ने उनका नाम सुझाया था जिसे बीजेपी ने स्वीकार किया। ये फैसला इसलिए भी लिया गया क्योंकि बेंगलुरू में युवा मतदाताओं की संख्या अधिक है।" एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, "वो बहुत ही जटिल, शहरी और अपनी पसंद को थोपने वाले व्यक्ति हैं यानी अगर आप मोदी का समर्थन नहीं करते तो आप देशद्रोही हैं।"
22 मार्च को सूर्या ने अपने वेरीफ़ाइड ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, "सभी भारत विरोधी ताक़तें मोदी को रोकने के लिए एकजुट हो गई हैं। जबकि मोदी का एजेंडा है एक नया भारत बनाने का, उनका एजेंडा है उन्हें रोकने का। उनके पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है। अगर आप मोदी के साथ हैं, आप भारत के साथ हैं। अगर आप मोदी के साथ नहीं हैं, तो आप भारत विरोधी ताक़तों को मज़बूत कर रहे हैं।"
सूर्या के वरिष्ठ सहकर्मी और कर्नाटक के पूर्व एडवोकेट जनरल अशोक हर्नाहल्ली कहते हैं, "ये बहुत बढ़िया चुनाव है। नरेंद्र मोदी और बीजेपी हाई कमान ने उन युवाओं को पहचान देने की कोशिश की है जिनके पास धनबल नहीं है। वो बहुत ईमानदार और राष्ट्रवादी हैं। मुझे उनपर गर्व है।"
हालांकि इस युवा उम्मीदवार से बात नहीं हो पाई क्योंकि वो अपना नामांकन पत्र भरने जा रहे थे। किसी भी अन्य युवा की तरह वो भी सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों को बताते रहते हैं कि सबसे अच्छी पानी-पूरी कहाँ मिलती है।
चुरमुरी की ओर से एक ट्वीट में कहा गया है, "कल शाम 8.21 बजे, तेजस्वी सूर्या लोगों को सलाह दे रहे थे कि बेंगलुरु में सबसे बढ़िया पानी पूरी कहां मिलती है। सुबह 2.48 बजे लगातार 14 ट्वीट आए जो 2019 लोकसभा चुनावों में सबसे युवा एमपी बनने की संभावनाओं के बारे में थे।"
