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पुस्तक चर्चा : पद्मावत, मानुस पेम भएउ बैकुंठी
जायसी वर्तमान उत्तरप्रदेश के अमेठी जिले के जायस नगर के रहने वाले थे। पद्मावत अवधी का महाकाव्य है, जो भारत के इतिहास के ... -
एक विचार, सिर पर सवार होता है तो जुनून बन जाता है
तबलीग का मुखिया कोरोना काल की पहली लहर में सेल्फ क्वारंटीन में गया था और वह संसार का सबसे लंबा सेल्फ क्वारंटीन सिद्ध ... -
रूह में उतरा अहसास : लता जी की आवाज
वह लता मंगेशकर थी, ईश्वर का विशेष उपहार जो भारत की गोद में हौले से रखा गया था। हजार साल की दासता और दशकों के संघर्ष के ... -
चमकौर को याद करने के दिन
खंडित भारत के लालची हुक्मरानों ने अपने देश को एक मजार बना लिया और जालीदार टोपी लगाकर सेक्युलरिज्म की हरी चादर चढ़ाकर चैन ... -
नौशाद के मातम का पोस्टमार्टम
कॉरिडोर बनारस में अब बना और नौशाद आलम बंगाल से शायद उस पुराने कॉरिडोर की उम्मीद में तशरीफ लाए होंगे। उम्मीदों पर पानी ... -
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: लीडरशिप की लंबी लाइन
भले ही देश के लोग बट जाएं। वे बांटने में यकीन रखते थे। बांटने के फायदे उन्हें अंग्रेजों ने सिखाए थे। वे जानते थे कि जो ... -
भ्रम से बाहर आकर सनातन मार्ग पर वसीम की वापसी
यूट्यूब चैनलों में उन्हें अपनी बात खुलकर और विस्तार से रखने के अवसर मिले। अखबार और चैनल इसीलिए अप्रासंगिक हो रहे हैं कि ... -
खुर्शीद अयोध्या को छोड़ें, मक्का पर लिखें
नया काबा अब सऊदी अरब में बनना था। अल-तबारी सबसे भरोसेमंद सूत्र माना गया है, जिसने इस दौरान हर साल के ब्यौरे लिखे। जहां ... -
Rani Kamalapati: भोपाल की रूह में बसी एक रानी
भारत के इतिहास का यह वह कालखंड है, जब दिल्ली पर तुर्क मुसलमानों को कब्जा जमाए छह सौ साल हो गए थे। तब भी दूरदराज भारत के ... -
आखिर इस्लाम का ईंधन क्या है?
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा उत्सव को कई जगहों पर तहस-नहस की गई। मूर्तियां तोड़ दी गईं। मुसलमानों की अराजक भीड़ के हमलों ... -
इरफान हबीब, रोमिला थापर के बाद अब हरबंस मुखिया के लेक्चर पर सवाल
मुगलों के एक नमक-हलाल वकील की तरह वे बोले-"मुस्लिम शासनकाल में एक भी हिंदू-मुस्लिम दंगा नहीं हुआ। पहला हिंदू-मुस्लिम ... -
‘इतिहास के बहाने’ इरफान हबीब और रोमिला थापर के नाम एक चिट्ठी
मैं अक्सर सोचता हूं कि सदियों तक सजे रहे उन गुलामों के बाजार में बिकी हजारों-लाखों बेबस बच्चियां और औरतें कहां गई ...
