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न चलेगी राजशाही, न चलेगी नौकरशाही
मंत्रियों की गाड़ियों पर से लाल बत्ती हटाने के बाद अब अमृत काल में मोदी दूसरा बड़ा काम करने जा रहे हैं। अब देश के सिर्फ़ ... -
‘करिए छिमा’ कहते हैं और मुक्त होते हैं अपराध बोध से
जैन साधु-संतों, साध्वियों को आपने देखा होगा वे मुंह पर श्वेत पट्टी बांधते हैं कि सांस लेने या बात करने के दौरान भी ... -
मैग्नीशियम का मैजिक है, मजाक नहीं है, पढ़ें एक जरूरी लेख
कुछ करने का मन नहीं हो रहा, भूख नहीं लगती,नींद नहीं आ रही, थकान लग रही है, शायर और प्रेमी इसे प्यार में पड़ने के लक्षण ... -
यह कमाल ही है कि जितने ज्यादा युद्ध हुए, उतने ही ज्यादा शांति पुरस्कार दिए गए
साहित्य के लिए नोबल पुरस्कार फ़्रांसीसी लेखक एनी एरनॉक्स को दिया गया। शांति की बात कहने वाले और शांति के बारे में लिखने ... -
हिंदी नाटक की परंपरा को आगे बढ़ा रहा पुणे का ‘स्वतंत्र थियेटर’
लंबे-लंबे संवाद, ऐतिहासिक तथ्य, पात्र, स्थान और परिस्थिति को रखने में उसे लिखने वाले की भूमिका अधिक सजग होती है, ... -
Cow Hug day: इस बार वैलेंटाइन है गाय
सोशल मीडिया पर भारत सरकार की इस अपील पर मीम्स, जोक्स और कमेंट्स हो रहे हैं। उन्हें पढ़कर लोग तनाव मुक्त हो रहे हैं और ... -
ज़ाणीव वृद्धाश्रम: जीवन की संध्या, शांति से गुजारे यहां
अलग सोच की छह गृहणियां जब वर्ष 1994 में मिलीं तो उन्होंने सोचा वृद्धाश्रम को महज़ वृद्धाश्रम जैसा नहीं होना चाहिए...जहां ... -
जुगाड़ लगा लेते हैं, मैनेज कर लेते हैं
चलिए कुछ जुगाड़ जमा लेते हैं...। पहले कभी जुगाड़ लगाने को अच्छा नहीं समझा जाता था, लेकिन अब यह एक सकारात्मक पहलू बन गया ... -
'करिए छिमा' कहते हैं और मुक्त होते हैं अपराध बोध से
जिस क्षण आपको लगे कि आपसे ग़लती हो गई है, उसी क्षण क्षमा माँग लीजिए। ‘मिच्छामी दुक्कड़म’ कहने के लिए आपको जैन होने की ... -
क्या आपको भी 'लोग' नहीं मिल रहे...
‘लोग नहीं मिलते’...आपके सामने भी किसी न किसी ने, कभी न कभी यह दुखड़ा रोया ही होगा। एक ओर बेरोज़गारी का रोना है तो दूसरी ... -
भूख और गरीबी के बिना दुनिया
‘गरीबी में आटा गीला’ की कहावत वर्ष 2022 में कइयों ने महसूस की होगी। गेहूं के आटे की कीमत 12 सालों के उच्चतम स्तर पर है ... -
हालात उतने बुरे भी नहीं, आदमी को चाहिए कि वह एक स्वप्न टूटे तो दूसरा गढ़े
आख़िर ऐसी क्या वजह है जो उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर कर रही है तो वह है कॉलेज में सीट न मिल पाना और यदि मिल गई तो पढ़ाई ... -
मनोरंजन तरीके से हिंदी सिखाने का काम करती वेबसाइट
इसके लिए उन्होंने बाकायदा वैबसाइट बनाई है, ‘लर्न हिंदी थ्रू एड्यूटेनमेंट (learn Hindi through Edutainment)’। सबके लिए ... -
आइए, लॉकडाउन नहीं लगने देंगे का सामूहिक संकल्प लेते हैं
हमें पता होता हैं कि यह संकल्प टूटना ही है। जैसे घड़ी में सुबह का अलार्म लगाने वालों में वे लोग भी होते हैं जो जानते हैं ... -
किसी एनआरआई के लिए भारत जान से प्यारा है या भारत में जान प्यारी है?
हम सभी जानते हैं कि देश के विकास में भारतवंशियों के योगदान को रेखांकित करने के लिए हर साल जनवरी में प्रवासी भारतीय दिवस ... -
मून लाइट में काम करते ‘मूनलाइटर्स’
वे कोचिंग सेंटर में शिक्षिकाएँ हैं और साथ ही विभिन्न स्वर्ण आभूषणकारों के गहनों के लिए मॉडलिंग भी करती हैं। चूँकि वे ... -
22 श्रुतियों के हारमोनियम को चाहने वाला, चला गया 22 तारीख़ को
इंदौर में 20 नवंबर को आख़िरी कार्यक्रम देने के बाद वे उज्जैन लौटे लेकिन किसे पता था वे फिर कभी इंदौर नहीं लौटेंगे, अब इस ... -
अंतरराष्ट्रीय साहित्य, कला महोत्सव 'विश्वरंग' में दिखाई देंगे उत्सवी आकांक्षा के रंग
टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र तथा वनमाली सृजन पीठ के मुख्य संयोजन में अंतरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव की ... -
आखिर ‘नारीत्व’ पर फिर हंगामा है क्यों बरपा?
दरअसल, अमेरिका ने एक ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता के उस मुकदमे को खारिज कर दिया, जिसने दावा किया था कि मिस युनाइटेड स्टेट्स ... -
अमेरिकी सौंदर्य प्रतियोगिता ट्रांसजेंडर प्रतियोगियों को बाहर कर सकती है, पढ़ें ट्रांसजेंडर पर जरूरी आलेख
अमेरिका में लिए गए फैसले विराट अर्थों में और व्यापक स्तर पर देश-दुनिया को प्रभावित करते हैं। हाल ही में अमेरिकी अपील ...
