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बड़ी चुनौती किसके सामने? मोदी के या राहुल के?
Lok Sabha Elections 2024: ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर मोदीजी अगर अन्य आसनों के साथ ‘शवासन’ की मुद्रा में भी कुछ समय के ... -
यह लोकसभा अलग दिखने वाली है, मोदीजी! सब कुछ बदलना पड़ेगा!
Lok Sabha Elections 2024: राहुल गांधी ने रायबरेली की हाल की एक जनसभा में कहा था बहन प्रियंका अगर वाराणसी से चुनाव लड़ ... -
पहले जनता सहमी हुई थी! अब हुकूमत डरी हुई है!
Lok Sabha Election Results 2024: चार जून के ऐतिहासिक दिन मुंबई की ‘दलाल स्ट्रीट’ से जुड़े लाखों शेयर कारोबारी तबाह हो ... -
चाहे जितनी कोशिश कर लें मोदीजी! मुस्लिम तैश में नहीं आने वाले!
प्रधानमंत्री की राजस्थान,अलीगढ़ और गोवा की सभाओं के बाद साफ़ हो गया कि जीत के लिए अंतिम हथियार के रूप में हिंदू-मुस्लिम ... -
राहुल की असली लड़ाई मोदी की भाजपा से नहीं कांग्रेस की भाजपा से है!
लोगों के मन में एक सवाल है। लोग जानना चाहते हैं इतनी बड़ी संख्या यानी हज़ारों-लाखों में नेता और कार्यकर्ता 139 साल ... -
बदल गई हैं औरतें!....महिला दिवस पर पढ़ें विशेष कविता
औरतों ने हाथ के इशारों से नहीं जाएंगी बुलावे पर रोने के लिए और करने लगीं ठिठौली बतियाने लगीं आपस में गांव के ... -
भारत को मुक्ति पहले किससे मिले? कांग्रेस या भाजपा से?
भाजपा ने अंतिम क्षणों में अपने आपको बचा लिया। कांग्रेस ख़ुद को नहीं बचा पाई। कमलनाथ अपनी पुरानी पार्टी में ही बने ... -
विपक्ष नहीं! जनता की एकता से डरना चाहिए भाजपा को!
भाजपा अपनी रणनीति में कोई चूक करती नज़र आती है। पार्टी को ग़लतफ़हमी हो गई लगती है कि विपक्ष के कुछ नेताओं के समर्थन की ... -
प्रतिरोध की क्रांति का सूत्रधार ही सत्ता का मुखबिर निकला!
प्रधानमंत्री द्वारा सात फ़रवरी को राज्यसभा में विपक्ष के ख़िलाफ़ दिए गए धुआँधार भाषण के तुरंत बाद एक मुस्कुराते नीतीश ... -
राहुल की यात्रा महान लोकतंत्र के राम की 'प्राण-प्रतिष्ठा' है!
Rahul Gandhi 6,713 km journey : 15 राज्य, 110 ज़िले, 6,713 किलोमीटर लंबा रास्ता और 66 दिनों का सड़कों पर सफ़र। जनता के ... -
23 की हिंसा 24 में कितना बड़ा रिकॉर्ड क़ायम करेगी?
violence in film in 2023: बीते साल को किस एक ख़ास बात के लिए याद रखा जाना चाहिए? राजनीतिक चेतना के प्रति जानबूझकर ... -
विपक्षी सांसदों का निलंबन जनता के लिए चेतावनी है?
देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था संसद से जिन 146 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था, उन्हें अब क्या करना चाहिए? क्या ... -
बहस तो भाजपा के भविष्य को लेकर होना चाहिए?
भाजपा अगर 2024 को लेकर चिंतित नहीं है तो इतनी बड़ी संख्या में सांसदों को विधानसभा चुनाव क्यों लड़वाए गए और संसद से ... -
बहस तो भाजपा के भविष्य को लेकर होना चाहिए?
हक़ीक़त यह है कि 2014 और 2019 की तुलना में न सिर्फ़ एनडीए कमज़ोर ही हुआ है, इस बात का अनुमान लगाना भी कठिन हो रहा है कि ... -
‘कोप भवन’ से बाहर आकर तेलंगाना के लिए तालियां बजाए कांग्रेस!
Assembly Election 2023: मतपत्रों की गिनती से मिले नतीजों पर मत जाइए कि भाजपा ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के साथ-साथ ... -
कांग्रेस से इतने नाराज़ क्यों नज़र आते हैं प्रधानमंत्री?
तेलंगाना के साथ संपन्न होने जा रहे पांच राज्यों के चुनाव नतीजे चाहे जैसे निकलें, एक बात तय मानकर चल सकते हैं कि तीन ... -
मेरा नाम शिवराज है! आवाज़ दिल्ली तक भी पहुंची ही होगी?
अमित शाह के हवाले से जानकारी छपी है कि शिवराज सिंह (और वसुंधरा राजे) की आगामी भूमिका चुनावों के बाद तय होगी! शिवराज एक ... -
मुफ़्त अनाज और चुनावी रेवड़ियां जनता का मुंह बंद करने के लिए हैं?
देश के अस्सी करोड़ ग़रीब अगर चाहें तो इस चुनाव पूर्व घोषणा को प्रधानमंत्री की तरफ़ से दीपावली के तोहफ़े के तौर पर भी ... -
टिकटों से असंतोष आलाकमान के ख़िलाफ़ विद्रोह की शुरुआत है?
टिकटों को लेकर कांग्रेस और भाजपा में बग़ावत की जो स्थिति बनी उसे या तो दोनों पार्टियों के आलाकमानों ने गंभीरता से नहीं ... -
क्या शिवराज को टिकट कांग्रेस की ही ज़्यादा मदद नहीं करेगा?
Madhya Pradesh Politics : इस तरह की चर्चाओं के बीच कि बग़ावत जैसी स्थितियों के कारण ही भाजपा की चौथी सूची में शिवराज ...
