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गणतंत्र दिवस पर पढ़ें देशभक्ति की कविता : जन-गण-मन गीत गाएं
Republic Day : हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय संविधान लागू करना दिन भी है। और 26 जनवरी हर ... -
मकर संक्रांति पर कविता : मैं पतंग हूं
मैं पतंग हूं आकाश में उड़तीं, रंग-बिरंगी पतंगें, करती न कभी किसी से भेदभाव। जब उड़ नहीं पाती, किसी की पतंगें तो देते मौन ... -
भगोरिया हाट : लोकगीत और लोक संस्कृति का मधुर पर्व
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में भगोरिया पर्व आते ही वासंतिक छटा मन को मोह लेती हैँ वहीं इस पर्व की पूर्व तैयारी करने से ... -
Makar Sankranti Poem : कटती डोर, दुखता मन
Sankranti Kite Poem पतंग क्या चीज, बस हवा के भरोसे। जिंदगी हो इंसान की आकाश और जमीन के, अंतराल को पतंग से, -
कविता : संजा के मीठे बोल
दीवारें सज जाती पूरे गांव की और संजा बन जाती जैसे दुल्हन प्रकृति के प्रति स्नेह को दीवारों पर जब बांटती बेटियां -
एक अप्रैल पर कविता : अप्रैल फूल
अप्रैल फूल कहीं नहीं खिलता मगर खिल जाता एक अप्रैल को क्या, क्यों, कैसे ? अफवाओं की खाद से और -
होली की कविता : फागुन में बिखेरे टेसू ने रंग
बिन पानी खिल जाते टेसू फागुन में, पानी संग मिल रंग लाते टेसू फागुन में, रंगों के खेल हो जाते शुरू फागुन में दुश्मनी ... -
बच्चों की कविता : सूरज के ठाठ
शाम हुई थका सूरज पहाड़ों की ओट में, करता विश्राम। गुलाबी, पीली चादर बादल की ओढ़े -
मकर संक्रांति पर कविता : मैं पतंग हूं
पतंग क्या चीज बस हवा के भरोसे। जिंदगी हो इंसान की आकाश और जमीन के अंतराल को पतंग से -
नागपंचमी : नागवंश का इतिहास और नाग पूजा
उज्जैन में नागचंद्रेश्वर का मंदिर नागपंचमी के दिन ही खुलता है व सर्प उद्यान भी है। खरगोन में नागलवाड़ी क्षेत्र में ... -
अटल जी को श्रद्धांजलि : सूर्य कभी अस्त नहीं होता...
सूर्य उदय से सूर्यास्त तक सुनहरी गुलाबी बदलती किरणों को निहारकर शब्दों में -
हिन्दी कविता : सूरज
शाम हुई थका सूरज पहाड़ों की ओट में करता विश्राम। गुलाबी, पीली चादर -
अटल बिहारी वाजपेयी पर कविता : एक अटल निर्णय
मौत को देखा है सिसकते हुए, देखा है वटवृक्ष को निढाल होते हुए। जिसकी छत्रछाया में पनपे सभी, उनके लिए आंसू बह निकले। -
नागवंश और नाग पूजा : नागपंचमी
एक जानकारी के मुताबिक, उड़ने वाले सांपों की प्रजाति का पता चला है। दक्षिण अमेरिका में इस प्रकार की प्रजाति के सांप के फन ... -
उत्कर्ष साहित्य सम्मान संजय वर्मा 'दॄष्टि' को
राष्ट्रीय मंजिल ग्रुप साहित्य मंच धार के साहित्य सम्मान कार्यक्रम में 24 साहित्यकारों का सम्मान किया गया। -
विश्वसनीयता के गुणी श्वान
पिछले साल हनुमनथप्पा को बर्फ से निकालने में आरवीसी के दो एआरओ श्वानों ने अहम् भूमिका निभाई थी तथा कुछ वर्षों पहले मुंबई ... -
किन्नरों को भी सुविधाएं उपलब्ध हों
किन्नर सभी जगह एक समूह बनाकर रहते हैं। इनके आपसी व्यवहार की बात ही निराली होती है। एक किन्नर दूसरे किन्नर के यहां ... -
पति यदि दिखाए थोड़ी सी समझदारी तो पत्नी भूल जाएगी नाराज होना
पति-पत्नी के बीच घर के दैनिक कार्य को लेकर, नोकझोंक का सामना रोजाना होता हैं। पति का वाट्सअप, फेसबुक आदि पर कई घंटे ... -
कविता : बचपन
जिंदगी की दौड़ भाग में, खो सा गया मेरा बचपन, बेफिक्र मौज मस्ती वाला, मेरा राज दुलारा बचपन, माँ के आँचल में छुपजाना, नजर ... -
परछाई का गायब होना व ग्रहण की खगोलीय घटना
उज्जैन के समीप ग्राम डोंगला में 21 जून को गुरुवार दोपहर 12 बजे के बाद खगोलीय घटना हुई। सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन में ...
