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कविता : सब मिलकर मतदान करें
लोकतंत्र की लाज बचाने, वालों की पहचान करें। घर से निकलें बाहर आएं सब मिलकर मतदान करें। -
गीत : हम कलमकार हैं नया सवेरा लाएंगे...
चोर कहे कि साधु लिख दो, कहे नालायक, लायक लिख दो। हजम किया जो जनता का धन, कहता नेक विधायक लिख दो। -
प्रेम गीत : मन का संगीत...
मन का संगीत मिटने न देना कभी, वरना जीवन का पहिया उलझ जाएगा। प्यार के आचमन का मुहूरत नहीं, जब भी जी चाहे अपना बना लीजिए। -
सन्देश गीत : बात इतनी सी
बात इतनी सी है ये समझ लीजिए, हम सभी एक शक्ति की संतान हैं। धर्म-जाति से उठकर जरा देखिए, सबसे पहले सभी एक इंसान -
प्रेम गीत : प्यार का मर्म...
प्यार का मर्म मालूम होता अगर, दिल हमारा कभी तुम दुखाते नहीं। नाम जबसे तुम्हारा लिया है प्रिये, चम्पई-चम्पई तन हमारा ... -
अजन्मी बेटी की मार्मिक कविता : मुझको भी दिखला दो पापा
मुझको भी दिखला दो पापा, दुनिया कितनी प्यारी है। मां का दर्द सहा नहीं जाए, वो अबला बेचारी है। भैया के आने पर सबने, खूब ... -
प्रेमगीत : ये इशारे कहें प्यार हो ही गया...
तेरी पलकें झुकी देखते ही मुझे, मैंने माना कि इजहार हो ही गया। होठ तेरे गुलाबी गुलाबी हुए, ये इशारे कहें प्यार हो ही ...
