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दादा लखमी- मन पर गहरी लकीर छोड़ती फ़िल्म
फ़िल्म के बारे में क्या कहूं, ज़्यादा कहूंगा तो लगेगा कि अपने मित्र की प्रशंसा कर रहा हूं। लेकिन सच कह रहा हूं कि मैंने ... -
मन्नू भंडारी : रजनीगंधा एक ख़ुशबू का नाम है, और ख़ुशबू कभी नहीं मरतीं..
'आपका बंटी', 'महाभोज' कई-कई बार पढ़े जा चुके थे। उनकी कहानी 'यही सच है' पर बनी फ़िल्म 'रजनीगंधा' के गीत, उस फ़िल्म में ... -
मानव मन के गहरे अंधेरे कोनों की पड़ताल करता उपन्यास - दृश्य से अदृश्य का सफ़र
नई सदी में हिन्दी कथा साहित्य ने कई नए विषयों की ज़मीनें तोड़ कर वहां कहानियों और उपन्यासों की फ़सल उगाई है। कई ऐसे ... -
स्मृति शेष : 20 फरवरी, डॉ. नामवर सिंह और मैं..
सबसे बड़ी बात यह थी कि यह सूचना दे कौन रहा था? स्वयं डॉक्टर नामवर सिंह जी। मैं कुछ देर के लिए जैसे स्तब्ध सा हो गया। वे ...
