कोरोना काल की कहानियां : वो सात दिन....पुस्तकें बनीं मित्र डॉ साहब रोज सुबह 9 बजे देखकर जाते और नया विश्वास देकर जाते। ज्यादा पी एच डी न तो आदत में शुमार है और न अपने बस की थी तो ...