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सार्वभौमिक होते हैं ‘नुगरा व्यक्ति, नुगरे लोग’
‘नुगरा व्यक्ति, नुगरे लोग’ सार्वभौमिक होते है। ये देश, जाति, धर्म, लिंग, अपने-पराये की सीमा से परे होते हैं। संवेदना, ... -
मणिपुर की घटना पर हिन्दी कविता : ओ बेशर्म दरिंदे
ओ बेशर्म दरिंदे तुमने देह के दर्शन कर लिए हैं दानवी वृत्ति ने खुश कर दिया हो तो सुनाना दहलाने वाली कहानियां ... -
मानवता की सेवा करने वाली यह बेटी मिसाल और मशाल है
भाग्यश्री, नाम तो उस गुड़िया सी दिखने वाली लड़की का है, पर अनुभूति अपने को होती है जब वो आपके द्वार पर जाने-माने लोक ... -
सावन के झूले : यादों में पेंग भरता अतीत का झूला-हिंडोला
झूले का आनंद किसी धन/धर्म का मोहताज नहीं है। गरीब हो या अमीर सभी एक सामान आनंद उठा सकते हैं। विशाल पेड़ों या बूढ़े बरगद ... -
6 अनोखे और दिलचस्प संग्रहालय : प्राचीन दस्तावेजों और वस्तुओं का खजाना
आज भी भारत में ऐसे अनेक संग्रहालय हैं जिनका दौरा किये बिना भारत की सांस्कृतिक इतिहास या संस्कृति की जानकारी अधूरी ही ... -
Result का मौसम : विकल्प भी जिंदगी बना देते हैं
रिजल्ट्स का मौसम आया। जैसे मरने जीने का प्रश्न हो गया। सब कुछ शुरू या खत्म। जबकि जिंदगी में 'विकल्प' हमेशा हाजिर होते ... -
ये सड़क पर गाड़ी चलाती, भागती- दौड़ती औरतें...
बेचारी औरतें भागम-भाग करतीं, बच्चे संभालती, घर के बुजुर्गों का टाइम पर दवा-गोलियों का ध्यान, खाने-पीने की जिम्मेदारियों ... -
मेरा यार बना है 'बेचारा' दूल्हा....
कितना घातक है ये शोर! कोई समझने ही तैयार ही नहीं। उससे भी घातक है बेसुरे और बेताले नाचने-गाने वालों का शोर-शराबा। कोई ... -
लेना-देना या व्यवहार, जी का जंजाल...
लेन-देन व्यवहार कई बार क्लेश का कारण भी बन जाता है और यह संबंधों को जोड़ने और तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाता है। ... -
टूटते समाज, बिखरती परंपराएं, सिसकते रीति-रिवाज...
विवाह का कोई एक मुहूर्त का दिन निश्चित करके उस दिन सिर्फ और सिर्फ विवाह से संबंधित रीति-रिवाज होने चाहिए जिसमें ... -
जल बचाने का संदेश देती हैं हमारी भारतीय परंपराएं
भारतीय परंपरा में कोई भी ऐसा धार्मिक कार्य नहीं होगा जिसमें जल कलश स्थापित न किया जाता हो। इसी से जल की महत्ता सिद्ध ... -
डोर रिश्तों की : जीवन संध्या की मिठास
डोर रिश्तों की : जीवन संध्या की मिठास लगभग बीस साल बाद जोड़े से मोसेरे भैय्या-भाभी का घर पर आना और पूरे अधिकार से हर ... -
गणगौर माता के दरबार में बोलें आज के दौर के 21 उखाणे
गणगौर माता के दरबार में हाजिरी देने के समय उखाणे / उखाने बोले जाते हैं। पूजा करने वाली महिलाएं एक-एक करके माता के सामने ... -
जानलेवा डीजे जिसके वॉल्यूम से थम रही ‘हार्ट बीट’, क्या किसी को सुनाई नहीं देता ये ‘खतरा’
तेज आवाज में चलते डीजे की आवाज और लोगों की लापरवाही ने उसकी जान ले ली। डॉक्टरों ने दूल्हे की मौत हार्ट अटैक की वजह से ... -
न चांद चाहिए न तारे चाहिए, हमको तो अपना पूरा आसमान चाहिए....
ये सुनने के बाद रामकुंवर मां के लिए मेरी आंखों में आदर और प्यार से आंसू और चमक दोनों आ गईं, दिल गदगद हो गया। ये केवल ... -
वेलेंटाइन डे: खुद को 'आई लव यू' कब कहा था?
वेलेंटाइन मना रही हो? याद करो जरा खुद को “आई लव यू” कब कहा था? डव ने दीक्षा से पूछा-“आपकी फोटो देख के लोगों ने क्या ... -
वसंत पंचमी का महत्व : विद्या की देवी सरस्वती से लीजिए शांत और पवित्र मन की प्रेरणा
हिंदू धर्म में वसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। देवी सरस्वती का प्राकट्य दिवस होने से इस ... -
तुलसीदास की रामचरित मानस में ढोल, गंवार, शूद्र, पशु और नारी का अर्थ
तुलसीदास जी रचित रामचरित मानस में नारियों को सम्मान जनक रूप में प्रस्तुत किया है। जिससे ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, ... -
किरदार दमदार : 'पूनम' की 'अमावस' जिंदगी, दुनिया इन्हीं औरतों से चल रही है
बात ज्यादा पुरानी नहीं है। मेरे पास एक सहायक थी घरेलू कामों में सहायता के लिए। बेहद ईमानदार, मेहनती, दुबली-पतली पर ... -
इतनी मनहूसियत कहां से लाते हैं ये लोग??
सौ गुना बढ़ जाती है खूबसूरती केवल मुस्कुराने से, फिर भी बाज नहीं आते लोग बुरा सा मुंह बनाने से। एक कार्यक्रम में जाना ...
