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वासंती कविता : आओ बसंत
आओ बसंत, छाओ बसंत पुलकित हो मन, आनंद मगन फूलों के रंग, परागों के संग सरोवरों में बन कर कमल -
हिन्दी कविता : सांप
सांप मैं डरती हूं तुमसे तुम्हारे फुंफकारने से तुम्हारे डंसने से मैंने सुना है तुम्हारी फुंफकार के -
कविता : एक प्यारा सा बादल
अक्सर आँखों में आकर, कर जाता गीला काजल, एक प्यारा सा बादल, मैं छुईमुई सी घबराती, गरजन सी बातें करता... -
कविता : मैंने लगाई थी एक अर्जी
मैंने लगाई थी एक अर्जी, धूप के दरबार में, मान ली सूर्य ने, जो भी थी फरियाद वे। -
कविता : कृतज्ञता
मेरे प्रभु, रहा संग तू, न मैं ये भूलूं, मेरे प्रभु, असमर्थता की निर्जीवता में, तू विश्वास के प्राण भरता रहा, निराशा के ... -
कविता : तुमने कहा था
तुमने कहा था साथ रखना, सब होगा अच्छा विश्वास रखना। कोई बैरी नहीं सपनों का, स्वप्न मगर कुछ खास रखना। -
कविता : क्या होता जो गम न होता ?
क्या होता जो इस दुनिया में गम न होता? सच पूछो तब हंसने का भी मौसम न होता। -
रंगबिरंगी कविता : तितलियां
जब उड़ेंगी रंग भरेंगी तितलियां, हवाओं में आकर्षण रहेंगी तितलियां। ढूंढते हो कहां यहां-वहां, संग फूलों के मिलेंगी ... -
हिन्दी कविता : क्या होता जो इस दुनिया में गम न होता?
क्या होता जो इस दुनिया में गम न होता? सच पूछो तब हंसने का भी मौसम न होता। कांटों की जो सेज न होती, फूल कहां पर सोते? जो ... -
हिन्दी कविता : मन की गांठ
मन की गांठ बोई नहीं जाती ग्लैडुला की गांठ की तरह जो अपनी बगिया महकाए भाए आँखों को मन की गांठ बांधी नहीं जाती -
हिन्दी कविता : इन दिनों...
व्यर्थ बढ़ गई है कांव-कांव, कौए मगर दिखते नहीं। दोस्त बेहिसाब बनते हैं, दिल में मगर बसते नहीं। आंखों को सुंदर लगते, ... -
जीवन के सफर को खुशनुमा बनाती कविता : कामना...
दोस्ती के गीत गुनगुनाएं तो अच्छा, हम सब एक हो जाएं तो अच्छा प्यार के गीत गुनगुनाएं तो अच्छा, हम सब एक हो जाएं तो ... -
दो मौलिक कविताएं : लोग
आंसू याद रख खुशियां भुला देते हैं, मानसून आंखों में बसा लेते हैं लोग। फूल की महक लेकर भुला देते हैं, कांटों को दामन से ...
