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संस्कारों वाली कहानी : एक कटोरी खीर
सुबह सवेरे मां नहा-धोकर पूजा-पाठ समाप्त कर रसोईघर में आई। रसोई में आते ही उन्होंने एक बड़ी सी हांड़ी में दूध उबलने के लिए ... -
मार्मिक कहानी : मोरपंख वाले रंग की साड़ी
'मम्मी वो साड़ी देखों.. वॉव कितना प्यारा कलर है ना? मेरा फ़ेवरेट कलर.. अगले हफ़्ते कॉलेज में 'साड़ी डे' है मम्मी, ये साड़ी ... -
स्त्री जीवन की मार्मिक कहानी : दूसरी पारी
मां सोच रही थी वक्त न जाने पंख लगा कर कहां उड़ गया। अभी-अभी तो मम्मी-मम्मी कह कर मेरे आगे पीछे चहकती थी। स्कूल से आती थी ... -
International Tea Day : एक प्याली अमृत वाली
ख़ुशबू उड़ाती, रंगतवाली तेज़ चटकती अदरकवाली दूधो नहाती है, छनछन उबलती है बलखाती इतराती प्याली में उतरती है गुलज़ार ... -
प्रवासी कविता : राधा के कान्हा
सनन-सनन हवा से तुम, भूमि पर अडिग मैं, कलकल बहते पानी तुम किनारे से जुड़ी मैं, चंद्र कभी-कभी सूर्य तुम, आकाश सी स्थायी ... -
फ्रेंडशिप डे पर कविता : दोस्त मेरे बड़े प्यारे हैं
फ्रेंडशिप डे पर कविता : कड़कती धूप में गन्ने का रस जैसे, सर्दियों में चाय की गरम सेंक जैसे, जैसे रसमलाई नरम जैसे पकौड़े ... -
स्वतंत्रता दिवस पर कविता : एक दीवाना था
एक दीवाना था, सनसनाती बिजलियों को मस्ती में छेड़ा था, तूफानों की बांहों को कस के मरोड़ा था, तमतमाते शोलों को हाथों में ... -
madhuri dixit birthday : हैप्पी बर्थ डे माधुरी
बात उन दिनों की हैं जब 80 का दशक उम्र की ढ़लान पर था और हिंदी सिनेमा जगत में श्रीदेवी का सितारा कामयाबी की बुलंदियां छू ... -
27 मार्च : विश्व रंगमंच दिवस आज, कैसे हुई ग्लोब थिएटर की स्थापना
साहित्य के क्षेत्र में एक चमचमाता सितारा बड़ी तेजी से लोकप्रियता के बुलंदी की ओर अग्रसर था। उस का नाम था 'विलियम ... -
15 अगस्त : आजादी के दीवानों को समर्पित कविता
एक दीवाना था, सनसनाती बिजलियों को मस्ती में छेड़ा था, तूफ़ानों की बांहों को कस के मरोड़ा था, तमतमाते शोलों को हाथों ... -
हिन्दी कविता : प्यारे दोस्त
कड़कती धूप में गन्ने का रस जैसे, सर्दियों में चाय की गरम सेंक जैसे जैसे रसमलाई नरम जैसे पकौड़े करारे है -
हिन्दी कविता : यादें
ढ़ीठ होती हैं यादें, बेबाक होती हैं यादें, बेवक्त की बारिश सी सनकी होती हैं यादें, दुआ मरहम से भी लाइलाज होती हैं, ... -
कविता : दशरथ नंदन राम
सौम्य सुदर्शन शामल सुंदर, नीलमणी सम रोचन उज्ज्वल, रणवीर धुरंधर वीर धनुर्धर, असुर निकंदन दशरथ नंदन -
45 Years Of Sholey: जब बुझते अंगारों में से 'शोले' जमकर धधकने लगे
सालों गुज़र गए पर शोले फ़िल्म का शुरुआती दृश्य और उसके साथ जुड़ा संगीत लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं। -
पुस्तक समीक्षा : मेमोयर्स ऑफ़ गेइशा
गेइशा! जापान के इतिहास का और तात्कालीन जापानी समाज जीवन का एक अटूट अंग।इशा शब्द का शब्दशः अर्थ है 'कलाकार' पुरुषों को ... -
देशभक्ति का जज़्बा और देश पर मर-मिटने का जुनून विरासत में मिला था क्रिस्टीन स्कारबेक को
सन् 1939, सितंबर का महीना था। केप टाउन से एक समुद्री जहाज इंग्लैंड के लिए आ रहा था। जहाज पर हर रोज गुमशुदा वस्तुओं की ... -
27 मार्च 'विश्व रंगमंच दिवस' : विलियम शेक्सपीयर ने की थी 'ग्लोब थिएटर' की स्थापना
इंग्लैंड का इतिहास स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा था। ये वह दौर था जब रानी एलिज़ाबेथ 'प्रथम' इंग्लैंड के राजपद पर ... -
बर्थडे स्पेशल : शशि कपूर और 'जुनून'
बात जब शशि कपूर की होती है तो उनकी एक रोमांटिक हीरो वाली इमेज उभर कर सामने आती है। 'कह दूं तुम्हे' वाली बिंदास मस्ती ...
