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होली और बुरा ना मानो महोत्सव
होली भारत का प्रमुख त्योहार है, क्योंकि इस दिन पूरे भारत में 'बैंक होली-डे' रहता है अर्थात अवकाश रहता है जिसकी वजह से ... -
व्यंग्य : साथी हाथ छुड़ाना रे...
हर कार्यालय की लय, वहां कार्य से फर्जी एनकाउंटर करने वाले कर्मचारियों की कुशलता में लीन रहकर अंततोगत्वा अपने प्रारब्ध ... -
व्यंग्य: मोटापा वीरस्य भूषणम्
मोटापा ऊपरवाले की देन है जिसे वो आलस और पेटूपन जैसे अपने अंडरकवर एजेंट्स की सहायता से धरती पर रवाना करता है। मोटापा भले ... -
स्वास्थ्य की मांगे खैर, करें सुबह की सैर
पृथ्वी बिना किसी बुलावे या भुलावे के निरंतर सूर्य के चक्कर लगाती है। हालांकि अभी तक यह सिद्ध नहीं हो पाया है कि निरंतर ... -
व्यंग्य : साहित्य के प्रधान सेवक
मिश्राजी साहित्य के प्रधान सेवक हैं। साहित्य सेवा का यह बीड़ा उन्होंने 55 किलोग्राम श्रेणी में ही उठा लिया था, जब वे ... -
आत्महीनता के ब्रांड एम्बेसेडर
हर आदमी अपनी सबसे प्यारी चीज़ के दैनिक दर्शन दुनिया को करवाना चाहता है और बिना किसी "अरेस्ट वारंट" के वाहवाही को ... -
मुख्य अतिथि बनने का सुख
मुख्य अतिथि बनने का सुख -
गुरुगिरी मिटती नहीं हमारी
हमारा देश हमेशा से ज्ञान का उपासक रहा है और इस पर कभी किसी को कोई शक नहीं रहा है। ज्ञान के मामले में हम शुरु से उदार ... -
व्यंग्यं शरणं गच्छामि
कुछ समय पूर्व कुछ शुभचिंतक मित्रों द्वारा मेरी तरफ चेतावनी फेंककर मुझे सूचित किया गया कि मैं व्यंग्य लिखता हूं। मतलब ... -
डूबते को वीकेंड का सहारा
मैं बचपन से प्रतिभाशाली रहा हूं। अभिभावकों और गुरुजनों द्वारा "कूट-कूट" कर मेरे अंदर प्रतिभा भरी गई थी जो इतने गहरे में ... -
सुनिए प्रशंसा पुराण...
अक्सर कहा जाता है कि प्रशंसा करके आप किसी का भी दिल जीत सकते हैं लेकिन केवल दिल जीतने का लक्ष्य रखकर प्रशंसा करना ठीक ... -
हल्के लॉ एंड ऑर्डर पर भारी भीड़तंत्र
लॉ एंड आर्डर (कानून व्यवस्था) एक बेहद अनुशासित शब्द है, इसको सुनते ही मैं जिम्मेदार नागरिक की हैसियत से अक्सर सावधान की ... -
मौत का महीना और सरकारी मलहम
पत्रकारों और लेखकों के कलम तोड़ने के बाद स्वास्थ्य मंत्री जी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं, ... -
मजेदार ब्लॉग : चोटी की चिंता
पिछले कुछ दिनों से देश के कई शहरों से महिलाओं की चोटी काटने की खबरें आ रही है। खबर सुनते ही "नारीवादी पुरुष" होने के ... -
साहित्य का अग्निपथ
चतुर्वेदी जी मंझे हुए साहित्यकार हैं। वे हमेशा साहित्यिक साधना में लीन रहते हैं, उनके चारों ओर हमेशा साहित्य भिनभिनाता ... -
फेसबुक टैगिंग या फिर डिजिटल रैगिंग
सभी राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय समस्याओं के बीच फेसबुक पर टैगिंग की समस्या भी बिना किसी मीडिया कवरेज के विकराल रूप धारण करती ... -
बुरा मान लो सब होनी है।
थानवी जी मेरे अच्छे मित्र हैं। वे मेरी सारी अच्छाइयों का डोप टेस्ट कर मेरे मित्र बने हैं। पहली मुलाकात में ही उन्होंने ... -
अथ श्री आलोचक कथा
वे आलोचक हैं, अभी से नहीं, तभी से! मतलब जब से उनके धरती पर अवतरित होने की दुर्घटना हुई थी, तब से। यहां तक कि उन्होंने ... -
लोकतंत्र का रक्षक : रेनसमवेयर वाईरस
आजकल हैक करने का सीजन चल रहा है, हालांकि कुछ लोग इसे दौड़ाने की भी कोशिश कर रहे हैं लेकिन इसके पीछे के विचार दिव्यांग ... -
नयेपन की डिमांड और अलग तरह की राजनीति
हर कोई सबसे अलग और नया दिखना चाहता है, क्योंकि जो दिखता है जरूरी नहीं वह बिकता भी है। बिकने के लिए बिकनी की तरह एक्सपोज ...
