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भाद्रपद कृष्ण पक्ष का पाक्षिक पंचांग : पढ़ें आगामी त्योहार और विशेष योग। Bhadrapada Month festivals 2018

Bhadrapada Month festivals
* भाद्रपद कृष्ण पक्ष का 'पाक्षिक-पंचांग' 
 
'वेबदुनिया' के पाठकों के लिए 'पाक्षिक-पंचांग' की श्रृंखला में प्रस्तुत है भाद्रपद कृष्ण पक्ष का पाक्षिक पंचांग। यहां पढ़ें आगामी त्योहार और ग्रह गोचर से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी :-
 
भाद्रपद का पाक्षिक-पंचांग 
 
संवत्सर- विरोधकृत 
संवत्- 2075 
शक संवत् :1940
माह- भाद्रपद
पक्ष- कृष्ण पक्ष (27 अगस्त से 9 सितंबर)
ऋतु: वर्षा
रवि: दक्षिणायने
गुरु तारा- उदित स्वरूप
शुक्र तारा- उदित स्वरूप
सर्वार्थ सिद्धि योग- 28 अगस्त, 30 अगस्त, 3 सितंबर, 5 सितंबर, 
अमृतसिद्धि योग- 3 सितंबर, 6 सितंबर
द्विपुष्कर योग- अनुपस्थित
त्रिपुष्कर योग- 28 अगस्त, 2 सितंबर,
रवि-पुष्य योग- अनुपस्थित
गुरु-पुष्य योग- 6 सितंबर
एकादशी- 6 सितंबर (जया एकादशी व्रत)
प्रदोष- 7 सितंबर
भद्रा- 29 अगस्त (उदय-अस्त), 1 सितंबर (उदय-अस्त), 4 सितंबर (उदय)- 5 सितंबर (अस्त), 7 सितंबर (उदय) - 8 सितंबर (अस्त) 
पंचक- पिछले माह से जारी...30 अगस्त (सायं 6 बजकर 48 मिनिट) पर समाप्त
मूल- 29 अगस्त (सायं 6 बजे से प्रारंभ- 31 अगस्त रात्रि 7 बजकर 07 मिनिट पर समाप्त), 7 सितंबर- (दिन के 11 बजकर 23 से प्रारंभ)- 9 सितंबर (प्रात: 8 बजकर 08 मिनिट पर समाप्त)
अमावस्या- 9 सितंबर (कुशोत्पाटनी अमावस्या)
ग्रहाचार- सूर्य-सिंह राशि में, चन्द्र-(सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करते हैं), मंगल-मकर, बुध-सिंह राशि में, गुरु-तुला, शुक्र-तुला राशि में, शनि-धनु, राहु-कर्क, केतु-मकर।
व्रत/त्योहार: 29 अगस्त- गणेश चतुर्थी व्रत (चन्द्रोदय रात्रि 9 बजकर 01 मिनिट पर), 1 सितंबर- हलषष्ठी (हरछठ), 2 सितंबर- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत (स्मार्त/शैव), 3 सितंबर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत (वैष्णव), 7 सितंबर- गोवत्स द्वादशी (बच्छ बारस), 9 सितंबर- कुशोत्पाटनी अमावस्या।
 
- ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया 
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र 
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें