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क्या राजस्थान में नवरात्र में दी गई एक बच्चे की नरबलि.. जानिए VIRAL वीडियो का सच..
राजस्थान के भीलवाड़ा में नवरात्र महोत्सव के दौरान जवारा विसर्जन शोभायात्रा में एक थाली पर बच्चे का कटा सिर रखकर पूरे गांव में घुमाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिस किसी ने भी यह वीडियो देखा, उसका दिल दहल गया। वायरल वीडियो में लोग एक बच्चे के कटे सिर को थाली में रखकर जुलूस निकालते दिख रहे हैं। इस वीडियो से नरबलि की आशंका फैल गई।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि वहां किसी भी प्रकार की नरबलि नहीं हुई थी, बल्कि जादू की तरह ट्रिक दिखाते हुए बालक का सिर पलंग पर रखी थाली पर रखा गया था। राजस्थान पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस मामले में सफाई भी दी है।
राजस्थान पुलिस ने ट्वीट कर लिखा- ‘सोशल मीडिया पर भीलवाड़ा जिले में बच्चे की बलि देकर गांव में जुलूस निकालने के वीडियो में मनोरंजन को अंधविश्वास का रूप देकर भ्रमित किया गया। वास्तव में यह हर वर्ष की भांति नवरात्रि में जादू करतब से मनोरंजन का नाटकीय रूप है। ग्राम खाखला के कार्यक्रम को गलत तरीके से वायरल किया गया है’।
भीलवाड़ा पुलिस ने भी अपने ट्विटर हैंडल से दो फोटो ट्वीट कर स्पष्ट करने की कोशिश की है कि वीडियो में दिखाए गए बच्चे को कुछ नहीं हुआ है और वह पूरी तरह से स्वस्थ और जिंदा है। फोटो में वीडियो की तारीख 18 अक्टूबर और बच्चे की ताजा तस्वीर 20 अक्टूबर की बताई गई।
जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना स्थित खाखला गांव में हर साल नवरात्र के आखिरी दिन जवारा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली जाती है। जादू-टोने के लिए मशहूर खाखला गांव में इस साल भी शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई थी।
इस दौरान एक बच्चे ने नरबलि कर मां के चरणों में शीश अर्पण करने का नाटक किया था। इसके तहत बच्चे का सिर एक चारपाई पर लगी थाली में ऐसा दिखाया गया था कि कटा हुआ सिर रखकर गांव में शोभायात्रा निकाली जा रही है। बच्चे की गर्दन पर लाल रंग लगाया गया था और चारपाई के आगे एक शख्स लाल रंग से सनी तलवार लिए चल रहा था।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि वहां किसी भी प्रकार की नरबलि नहीं हुई थी, बल्कि जादू की तरह ट्रिक दिखाते हुए बालक का सिर पलंग पर रखी थाली पर रखा गया था। राजस्थान पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस मामले में सफाई भी दी है।
राजस्थान पुलिस ने ट्वीट कर लिखा- ‘सोशल मीडिया पर भीलवाड़ा जिले में बच्चे की बलि देकर गांव में जुलूस निकालने के वीडियो में मनोरंजन को अंधविश्वास का रूप देकर भ्रमित किया गया। वास्तव में यह हर वर्ष की भांति नवरात्रि में जादू करतब से मनोरंजन का नाटकीय रूप है। ग्राम खाखला के कार्यक्रम को गलत तरीके से वायरल किया गया है’।
#SocialMedia पर भीलवाड़ा जिले में बच्चे की बलि दे गांव में जुलूस निकालने के वीडियो में मनोरंजन को अंधविश्वास का रूप देकर भ्रमित किया गया। वास्तव में यह हर वर्ष की भांति नवरात्रि में जादू करतब से मनोरंजन का नाटकीय रूप है। ग्राम खाखला के कार्यक्रम को गलत तरीके से वायरल किया गया है।
— Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) October 20, 2018
भीलवाड़ा पुलिस ने भी अपने ट्विटर हैंडल से दो फोटो ट्वीट कर स्पष्ट करने की कोशिश की है कि वीडियो में दिखाए गए बच्चे को कुछ नहीं हुआ है और वह पूरी तरह से स्वस्थ और जिंदा है। फोटो में वीडियो की तारीख 18 अक्टूबर और बच्चे की ताजा तस्वीर 20 अक्टूबर की बताई गई।
वायरल मैसेज भीलवाड़ा जिले में अंधविश्वास की हदें पार किसी गांव में छोटे बच्चे की बलि दे गांव में निकला जुलूस *यह कोई घटना नहीं है बल्कि थाना गंगापुर के ग्राम खाकरा मैं हर वर्ष की भांति नवरात्रि के दिनों में जादू टोना ग्राम वासियों के मनोरंजन करने के लिए किया जाता हैं।* pic.twitter.com/IBECo8ciVS
— Bhilwara Police (@Bhilwara_Police) October 20, 2018
जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना स्थित खाखला गांव में हर साल नवरात्र के आखिरी दिन जवारा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली जाती है। जादू-टोने के लिए मशहूर खाखला गांव में इस साल भी शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई थी।
इस दौरान एक बच्चे ने नरबलि कर मां के चरणों में शीश अर्पण करने का नाटक किया था। इसके तहत बच्चे का सिर एक चारपाई पर लगी थाली में ऐसा दिखाया गया था कि कटा हुआ सिर रखकर गांव में शोभायात्रा निकाली जा रही है। बच्चे की गर्दन पर लाल रंग लगाया गया था और चारपाई के आगे एक शख्स लाल रंग से सनी तलवार लिए चल रहा था।
