1. धर्म-संसार
  2. ज्योतिष
  3. वास्तु-फेंगशुई
  4. vastu and home temple
Written By

आपका पूजा घर कैसा है? पढ़ें वास्तु टिप्स

पूजा घर
वास्तु विज्ञान के अनुसार देवी-देवताओं की कृपा घर पर बनी रहे, इसके लिए पूजाघर वास्तुदोष से मुक्त होना चाहिए। जहां पूजाघर वास्तु के नियमों के विपरीत होता है, वहां ध्यान और पूजा करते समय मन एकाग्र नहीं रह पाता है। इससे पूजा-पाठ का पूर्ण लाभ नहीं मिलता है।
 
वास्तु विज्ञान के अनुसार पूजाघर पूर्व अथवा उत्तर दिशा में होना चाहिए। इन दिशाओं में पूजाघर होने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। पूजाघर के ऊपर अथवा इसके अगल-बगल में शौचालय या स्नानघर नहीं होना चाहिए। आजकल बहुत से लोग सीढ़ी के नीचे या तहखाने में पूजाघर बनवा लेते हैं, जो वास्तु के अनुसार उचित नहीं है।

mgid

अगर एक ही घर में कई लोग रहते हैं तो अलग-अलग पूजाघर बनवाने की बजाए मिल-जुलकर एक पूजाघर बनवाएं। एक ही मकान में कई पूजाघर होने पर घर के सदस्यों को मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। भगवान को एक-दूसरे से कम से कम 1 इंच की दूरी पर रखें। अगर घर में एक ही भगवान की दो तस्वीरें हों तो दोनों को आमने-सामने बिलकुल न रखें। एक ही भगवान के आमने-सामने होने पर घर में आपसी तनाव बढ़ता है।

aniview

अगर जगह की कमी के कारण शयन कक्ष में ही पूजाघर बनाना पड़े तो ध्यान रखें कि बिछावन इस प्रकार हो ताकि सोते समय भगवान की ओर पैर नहीं हो।
देखें वीडियो