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यदि आपका घर या दुकान है दक्षिण दिशा में तो करें ये 5 अचूक उपाय, दोष होगा दूर
Dakshin disha ke makan and Dukan ka vastu: हिन्दू धर्म, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को अशुभ माना गया है। इस दिशा में घर या दुकान का मुख्य द्वार है तो उससे नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। दक्षिण दिशा को यम और मंगल की दिशा माना गया है। यह दिशा स्त्रियों के लिए अत्यंत अशुभ तथा अनिष्टकारी होती है। इस दिशा से सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव ज्यादा रहता है जो शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए ठीक नहीं है। दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार या खिड़की है तो दक्षिण के बुरे प्रभाव से बचना जरूरी है। इसके लिए जानिए 5 खास अचूक उपाय।ALSO READ: वास्तु के अनुसार कैसे घर की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलें?
दक्षिण मुखी मकान के उपाय | dakshin mukhi Makan ka vastu:
1. नीम का पेड़:- मंगल की दिशा दक्षिण मानी गई है। नीम का पेड़ मंगल की स्थिति तय करता है कि मंगल शुभ असर देगा या नहीं। अत: दक्षिण दिशा में नीम का एक बड़ा सा वृक्ष जरूर होना चाहिए। यदि दक्षिणमुखी मकान के सामने द्वार से दोगुनी दूरी पर स्थित नीम का हराभरा वृक्ष है या मकान से दोगना बड़ा कोई दूसरा मकान है तो दक्षिण दिशा का असर कुछ हद तक समाप्त हो जाएगा।ALSO READ: Vastu Tips: घर के वास्तु का जीवन पर प्रभाव पड़ता है या नहीं?
2. गणेश मूर्ति:- गणेशजी की पत्थर की दो मूर्ति बनवाएं जिनकी पीठ आपस में जुड़ी हो। इस जुड़ी गणेश प्रतिमा को मुख्य द्वार के बीचों-बीच चौखट पर फिक्स कर दें। ऐसे फिक्स करें कि एक गणेशजी अंदर को देखें और एक बाहर को। इससे गृहक्लेश से मुक्ति मिलेगी।
3. पंचमुखी हनुमान:- द्वार के ऊपर पंचमुखी हनुमानजी का चित्र भी लगाना चाहिए। द्वार के ठीक सामने आशीर्वाद मुद्रा में हनुमान जी की मूर्ति अथवा तस्वीर लगाने से भी दक्षिण दिशा की ओर मुख्य द्वार का वास्तुदोष दूर होता है।
4. आदमकद दर्पण:- द्वार के ठीक सामने एक आदमकद दर्पण इस प्रकार लगाएं जिससे घर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति का पूरा प्रतिबिंब दर्पण में बने। इससे घर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति के साथ घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक उर्जा पलटकर वापस चली जाती है।
5. पिरामिठ :- मुख्य द्वार के ऊपर पंचधातु का पिरामिड लगवाने से भी वास्तुदोष समाप्त होता है।
दक्षिणमुखी दुकान | dakshin mukhi dukan ka vastu:
1. यदि निरंतर धूप बनी रहती है तो शटर के उपर या द्वार के उपर एक हरे रंग का बड़ा-सा शेड लगाए जिससे दुकान के भीतर तक धूप ना आए। दक्षिण मुखी दुकान को लगातार आ रही धूप से बचाना चाहिए।
2. आप गमले में नीम का पौधा लगाकर उसे द्वार के साइड में रख दें और जब वह पौधा पेड़ बनने लगे तब उसे दुकान के बाहर उचित दिशा में लगा दें।ALSO READ: वास्तु के अनुसार घर में किस दिशा में लगाएं कौन-सी घड़ी, जानिए काम की बातें
3. दुकान में प्रवेश करने के बाद कुछ बैंच या चेयर ऐसी रखी होना चाहिए जिस पर ग्राहक बैठ सकें।
4. दुकान के मालिक को पश्चिम की ओर खड़े होकर सामान बेचना चाहिए। यानी उसका मुख पूर्व में हो। दुकान के मालिक या सेल्समैन का मुंह पूर्व या उत्तर मुखी होना चाहिए।
5. दक्षिण मुखी दुकान को बाहर से अच्छे से सजाकर रखना चाहिए। जैसे दरवाजा सुंदर होना चाहिए। आसपास गमले रखे होना चाहिए। दक्षिण मुखी दुकान के द्वार पर किसी व्यक्ति को नियुक्त कर दें जो ग्राहक आने पर दरवाजा खोले या उनका विनम्रता से और हंसते हुए अभिवादन करें। दुकान में यदि कोई ग्राहक आता है तो उसके साथ अच्छे से व्यवहार करें चाहे वह आपकी दुकान से सामान खरीदे या नहीं खरीदे। ध्यान रखें कि वह दु:खी होकर नहीं जाए।
नोट : यदि दक्षिण मुखी शोरूम है तो उसमें दक्षिण दिशा का प्रभाव नहीं रहेगा, लाभ होगा। यदि दक्षिण मुखी दुकान किसी मार्केट में है यानी दुकान के सामने की लाइन में भी दुकानें हैं, तो ऐसी दक्षिण मुखी दुकान अशुभ नहीं मानी जाती है।
