1. लाइफ स्‍टाइल
  2. रोमांस
  3. वेलेंटाइन डे
  4. Love poem
Written By WD
Last Updated : मंगलवार, 11 फ़रवरी 2025 (17:15 IST)

वेलेंटाइन डे पर नवीन रांगियाल की प्रेम कविता : बादल हमारे लिए टहलते हैं

Love poem
तुम्‍हारा हाथ पकड़कर चलते हुए  
मैंने यह जाना कि आकाश में बादल बरसातों के लिए नहीं 
मेरे और तुम्‍हारे लिए टहलते हैं
 
कोई दिन उग कर वापस आता है 
तो उसका मतलब मैं यह निकालता हूं कि वो हमारे लिए लौटा है 
 
रात दोनों को बांधने आती है
 
इतनी बड़ी दुनिया में 
मैं सिर्फ बादलों के आने-जाने
दिन के उगने और डूबने के बारे में सोचता हूं  
धूप और बारि‍श के बारे में सोचता हूं
 

mgid

यही वो सब है जो हमारे लिए होता है
 
दुनिया सिर्फ इसलिए है 
कि हर शाम को मैं तुमसे मिलने आता हूं 

aniview

 
अगर मैं तुमसे मिलने आता और तुम मुझे वहां नहीं मिलती 
जहां हमारा मिलना तय था
 
तो भीड़ और आतंक से भरी यह दुनिया कब से खत्‍म हो चुकी होती
 
मिलते रहने से ही दुनिया चलती है
 
जब घांस को धूप से मिलते देखता हूं 
और पत्‍तों को हवाओं से
 
जब छांव मिलने आती है गलियों से
 
और आकाश को पृथ्वी पर झुकते हुए देखता हूं 
 
तो सोचता हूं यह दुनिया तब तक रहेगी जब तक हम किसी से मिलने जाते रहेंगे। 
ये भी पढ़ें
महाकुंभ के असली पात्र तो रमेश जैसे लाखों लोग हैं