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अक्टूबर से लागू होंगे ये 5 बड़े बदलाव, तुरंत जान लीजिए काम की बात

October New Rules : LPG, FD, UPI, Whatsapp,
October New Rules : 1 अक्टूबर 2026 से LPG सब्सिडी, FD, जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। व्हाट्स एप बिजनेस अकाउंट पर चार्ज वसूलने की तैयारी कर रहा है। 15 अक्टूबर से यूपीआई ट्रांजेक्शन पर MDR लगेगा। जानिए अक्टूबर में क्या क्या बदलेगा?
 

गैस सब्सिडी के नियम

1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी BAA जरूरी होगा। हालांकि बिना ऑथेंटिकेशन के भी LPG सिलिंडर की सप्लाई बंद नहीं होगी यानी अगर आप केवाईसी नहीं करवाते हैं तो आपको गैस का सिलिंडर मिलता रहेगा। उन्हें सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगा। 19 सितंबर 2026 तक करीब 89.9% एक्टिव LPG ग्राहक BAA पूरा कर चुके थे।
 

FD के नियम बदलेंगे 

भारतीय रिजर्व बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट को लेकर नए नियम जारी किए हैं। अब 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की एफडी बल्क डिपॉजिट मानी जाएगी जबकि, इससे पहले इसकी सीमा 2 करोड़ रुपये थी। बैंक बल्क एफडी पर अपनी जरूरत के हिसाब से अलग ब्याज दर तय कर सकेंगे। बैंकों को हर वर्किंग डे सुबह 10 बजे तक दरें वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। एक ही तारीख की समान राशि और अवधि वाली एफडी पर सभी शाखाओं में एक जैसी दर होगी। ALSO READ: महंगाई की मार : 1 अक्टूबर से बढ़ेंगे टीवी, एसी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन का दाम
 

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियम

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधान 1 अक्तूबर 2026 से लागू होंगे। 2 साल से ज्यादा देरी से रजिस्ट्रेशन कराने पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा। इसका उद्देश्य जन्म और मृत्यु की घटनाओं की समय पर रिपोर्टिंग और रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा देना है।
 

व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट पर लगेंगे पैसे 

Meta ने व्हाट्सएप बिजनेस प्लेटफॉर्म पर भेजे जाने वाले कुछ विशेष मैसेज (जैसे यूटिलिटी और सर्विस मैसेज) पर 1 अक्टूबर से चार्ज लेने का फैसला किया है। हर बिजनेस फोन नंबर को प्रति माह 1,000 सर्विस मैसेज मुफ्त मिलेंगे, जिसके बाद अतिरिक्त मैसेज पर शुल्क लगेगा। आम लोगों को किसी भी बिजनेस को मैसेज करने या उनका जवाब पाने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा।
 

UPI पर MDR 

15 अक्टूबर से 2,000 रुपए से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट लेन-देन पर 0.4% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किया जा रहा है। व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान यह पूरी तरह मुफ्त रहेगा। 1 लाख से कम मासिक यूपीआई कलेक्शन वाले छोटे व्यापारियों पर यह चार्ज लागू नहीं होगा। बड़े लेन-देन (जैसे 75,000 रुपए से अधिक) पर एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपए तय की गई है। ALSO READ: UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव! जानिए कितना लगेगा MDR और किसे मिलेगी राहत
 
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