सम्बंधित जानकारी
- 'मी टू अभियान' : महिला आयोग की पीड़ित महिलाओं से अपील, अपनी शिकायत दर्ज कराएं
- #Metoo: संध्या मृदुल ने भी लगाया आलोकनाथ पर यौन उत्पीड़न का आरोप
- जागी गुट्टा की 'ज्वाला', #Metoo कैंपेन में बयां किया दर्द
- यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए : मेनका गांधी
- #Metoo : मोटी और बदसूरत लड़कियां ही कर रही हैं इस तरह की बातें
पीवी सिंधू ने 'MeToo' की बहस से किया किनारा
नई दिल्ली। ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने दुनियाभर में चल रहे 'हैशटेग मी टू मूवमेंट' की बहस से खुद को दरकिनार कर लिया है।
सिंधू ने बुधवार को यहां वोडाफोन के एक नए उत्पाद को लांच करने के बाद बातचीत में इस मुद्दे पर कहा कि जो लोग इस मामले में खुद निकलकर सामने आए हैं और अपनी आपबीती को समाज के सामने रखा है, मैं उनका दिल से सम्मान करती हूं। यह वास्तव में अच्छा है कि जिनके साथ ऐसा कुछ हुआ है उन्होंने इन बातों को सामने रखने का साहस दिखाया है।
यह पूछे जाने पर कि अपने खेल करियर के दौरान कभी उन्हें ऐसे हालात से गुजरना पड़ा? तो सिंधू ने थोड़ी खामोशी के बाद कहा कि जहां तक मेरी बात है, मेरे साथ जितने भी सीनियर और कोच जुड़े रहे हैं मुझे उनके साथ ऐसा कोई अनुभव नहीं हुआ है। मैं अपने करियर से संतुष्ट हूं और मेरे लिए इस तरह की समस्या जैसी कोई बात नहीं है।
अगले टूर्नामेंटों को लेकर सिंधू ने कहा कि अभी कुछ और टूर्नामेंट होने हैं और वे इनमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सिंधू ने गत अगस्त में जकार्ता एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। इससे पहले उन्होंने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था। जहां सिंधू इस मामले पर ज्यादा बोलने से दूर रहीं वहीं युगल खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने भी मानसिक शोषण की बात कहकर अपने कड़वे अनुभव को सामने रखे हैं। (वार्ता)
