बुधवार, 29 अप्रैल 2026
  1. धर्म-संसार
  2. धर्म-दर्शन
  3. सिख धर्म
  4. Guru Amar Das Ji Guruparv 2026

Guru Amar Das Jayanti: गुरु अमरदास जयंती कैसे मनाएं, जानें जीवन परिचय, महत्व और योगदान

गुरु अमरदास जी
Guru Amardas Jayanti 2026: गुरु अमरदास जयंती सिख धर्म के तीसरे गुरु, गुरु अमरदास जी की जयंती के रूप में मनाई जाती है। गुरु अमरदास जी जन्म तिथिनुसार वैशाख सुदी 14, (8वें जेठ), संवत 1536 तथा कैलेंडर के अनुसार 5 मई 1479 को अमृतसर जिले के बसरके गिलान गांव में हुआ था। यह पर्व उनके जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है और विशेष रूप से सिख समुदाय में धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक कार्यक्रमों के रूप में आयोजित होता है। वर्ष 2026 में उनकी जयंती 30 अप्रैल 2026 को मनाई जा रही है।ALSO READ: Guru Arjun Dev Ji: गुरु अर्जन देव जी का इतिहास क्या है?
 

गुरु अमरदास जी के बारे में जानकारी

 
* जन्म तिथि: वैशाख सुदी 14 को।
* जन्म: 5 मई 1479 (कुछ स्रोत 1479 को और कुछ 1478 को बताते हैं)
* माता-पिता: बख्त कौर/ लखमी देवी तथा तेज भान भल्ला।
* गुरु पद ग्रहण: 1552
 

* विशेष योगदान:

- लंगर प्रणाली की स्थापना: सभी के लिए समान भोजन, जाति, धर्म और आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना।
 
- सिखों में सामाजिक सुधार: महिलाओं के अधिकार और गरीबों की सेवा पर जोर।
 
- संगीत और भजन की प्रथा: गुरुद्वारों में भजन और कीर्तन को बढ़ावा दिया।
 
- सिख ग्रंथों का योगदान: गुरु अमरदास जी ने अपने समय में कई बाणी (शब्द) और नीतियां स्थापित कीं।
 

गुरु अमरदास जयंती का महत्व

 
1. समानता और सेवा का संदेश: लंगर और समाज सेवा के माध्यम से समानता का प्रचार किया।
2. सामाजिक सुधार: उन्होंने गरीब और वंचितों की सेवा पर बल दिया।
3. धार्मिक प्रेरणा: भक्ति और सच्चाई का मार्ग दिखाया।
 

कैसे मनाई जाती है?

 
* इस दिन गुरुद्वारों में कीर्तन, भजन, प्रवचन और लंगर आयोजित किया जाता है।
* श्रद्धालु गुरु अमरदास जी की शिक्षाओं का स्मरण करते हैं और सामाजिक सेवा में भाग लेते हैं।
* विशेष रूप से पंजाब और सिख समुदाय के मुख्य शहरों में भव्य कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
 
गुरु अमरदास जी ने समानता, सेवा और भक्ति के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया। उन्होंने लंगर प्रणाली की स्थापना की, जिसमें सभी जाति और धर्म के लोग एक साथ भोजन करते थे। सिख धर्म के महान प्रचारक और नानक देव जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने वाले तृतीय गुरु, श्री गुरु अमरदास जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: गुरु अंगद देव जयंती, जानें सिख धर्मगुरु के बारे में 10 अनजानी बातें
 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
ये भी पढ़ें
Buddha Purnima Essay: बुद्ध पूर्णिमा: शांति और आत्मज्ञान के महापर्व पर रोचक निबंध